Haryana Sarpanch News : हमारे देश में लोकतंत्र की सबसे खूबसूरत बात यह है कि, यहां की राजनीतिक व्यवस्था स्थानीय स्तर से लेकर उच्च स्तर पर पर की जाती है। बता दें कि हरियाणा सरकार के नए आदेश ने प्रदेश के सरपंचों का दायित्व और चुनौती दोनों बढ़ा दी हैं। दरअसल् अब किसी भी विकास योजना को स्वीकृति दिलाने के लिए ग्राम सभा से प्रस्ताव पारित कराना जरुरी कर दिया गया है। आए आगे जानें इसके बारे में विस्तार से…
प्रदेश सरकार के मुताबिक, ग्राम सभा की बैठक में गांव की कुल आबादी का कम से कम 40 फीसदी उपस्थित होना जरुरी होगा। बता दें कि पहले सरकार की तरफ से ऐसी कोई निर्धारित शर्त नहीं थी, जिससे सरपंच सीमित लोगों की मौजूदगी में ही प्रस्ताव पास कराकर भेज देते थे, मगर अब यह प्रक्रिया सख्त कर दी गई है।
प्रस्ताव आखिर तक पास करवाना अनिवार्य होगा (Haryana Sarpanch News)
हरियाणा सरकार के अनुसार, इन नए नियमों के निमित यदि पहली बैठक में 40 फीसदी उपस्थिति पूरी नहीं होती है तो दूसरी बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें कुल आबादी की 30 फीसदी मौजूदगी अनिवार्य होगी। यदि दूसरी बैठक में भी यह संख्या पूरी नहीं होती है, तो तीसरी बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें कम से कम 20 फीसदी ग्रामीणों की उपस्थिति जरुरी होगी। इससे कम उपस्थिति में ग्राम सभा का कोई भी प्रस्ताव मान्य नहीं माना जाएगा। इस तरह आखिर तक प्रस्ताव पास करवाना अनिवार्य होगा।
ग्राम सभा में उपस्थित लोगों की भी फैमिली आईडी होना अनिवार्य (Haryana Sarpanch News)
पाठकों को बता दें कि, जिला पंचायत विकास अधिकारी ने क्लियर किया है कि ग्राम सभा की बैठक में न्यूनतम 20 फीसदी उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित करनी होगी, चाहे इसके लिए बार-बार बैठक क्यों न बुलानी पड़े। बैठक में मौजूद लोगों की संख्या की जांच फैमिली आईडी यानी PPP डाटा के माध्यम से की जाएगी। संबंधित डाटा की प्रति लेकर वेरिफाइंग किया जाएगा, ताकि नियमों का सही तरीके से पालन सुनिश्चित हो सके। इस तरह उपस्थित लोगों का नाम फैमिली आईडी में होना अनिवार्य होगा।

