Fake Ghee Case : हरियाणा के करीब एक माह पहले सोनीपत के गोहाना में पकड़े गए नकली घी के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। यह घी जींद से लाया गया था और इस पर वीटा का मार्का लगा हुआ था। वीटा मार्का लगे इस घी के सारे सैंपल लैब टेस्ट में फेल आए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट के बाद घी बनाने और सप्लाई करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है।
गौरतलब है कि 10 दिसंबर 2025 को गोहाना सिटी थाना पुलिस ने खंदराई मोड़ के पास जींद के गुरुद्वारा कॉलोनी निवासी सुनील कुमार को 450 किलो वीटा मार्का के नकली देसी घी के साथ पकड़ा था। पुलिस ने तुरंत खाद्य सुरक्षा अधिकारी बीरेंद्र यादव को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने घी की खेप से दो सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे थे। अब जांच रिपोर्ट में दोनों सैंपल अनसेफ पाए गए हैं, जिससे यह साफ हो गया है कि घी मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक था।
Fake Ghee Case : मामले में शहर थाना प्रभारी और SI हो चुके सस्पेंड
इस मामले में पुलिस ने बाद में जींद के राजेंद्र नगर निवासी फैक्ट्री मालिक नंदकिशोर को भी गिरफ्तार किया था। हालांकि, जांच को लेकर विवाद भी सामने आया। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत मिली थी कि सिटी थाना के तत्कालीन एचएचओ अरुण और एएसआई संदीप मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कर रहे हैं और आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। शिकायत के बाद दोनों अधिकारियों को लाइन हाजिर कर निलंबित कर दिया गया।

यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले नवंबर महीने में भी सिटी थाना पुलिस ने जींद से लाई जा रही वीटा मार्का के नकली देसी घी की एक और खेप पकड़ी थी। उस समय करीब 200 किलो घी सोनीपत लाया जा रहा था। खाद्य सुरक्षा अधिकारी की मौजूदगी में उस खेप से सर्विलांस सैंपलिंग के तहत 7 सैंपल लिए गए थे। अब उनकी रिपोर्ट भी आ चुकी है और सभी सातों सैंपल जांच में फेल पाए गए हैं।
Fake Ghee Case : नकली घी होने पर पांच लाख रुपए तक जुर्माना का प्रावधान
खाद्य सुरक्षा अधिकारी बीरेंद्र यादव ने बताया कि सैंपल अनसेफ पाए जाने पर आरोपी को छह महीने तक की सजा हो सकती है। इसके अलावा, सैंपल फेल होने पर पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाने का भी प्रावधान है। विभाग अब जब्त की गई घी की खेप से लीगल सैंपल लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करेगा। लीगल सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद अदालत में केस दायर किया जाएगा।
लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने नकली देसी घी के नेटवर्क की ओर इशारा किया है। खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस अब मिलकर इस पूरे रैकेट को तोड़ने की दिशा में कार्रवाई कर रहे हैं, ताकि आम लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों को कड़ी सजा मिल सके।

