Delhi flyover: दिल्ली वासियों के लिए सरकार की और से काफी अहम फैसला लिया गया है अब दिल्ली में ट्रैफिक को कम,करने के लिए करीब 1471 करोड़ रुपये की लगत से डबल डेकर फ्लाईओवर बनाने की मंजूरी दे दी गई है। यह घोषणा CM रेखा गुप्ता ने एक कार्यक्रम के दौरान कही। Delhi flyover
इस डेकर फ्लाईओवर से दिल्ली के दक्षिण भाग में लगातार लगने वाले लम्बे जाम से काफी रहत मिलेगी। देश की राजधानी में ट्रैफिक की लम्बी लाइन हर रोज लम्बी ही होती जा रही थी जिसके चलते इस डबल डेकर फ्लाईओवर को मंजूरी दी गई है। इससे वाहन और तेज और सुचारु रूप से निकल सकेगें।
यह रोड करीब 5 किलोमीटर लम्बा होगा और 6 लाइन का होगा जिससे दिन में हज़ारों यात्री सफर करेगें। ऑफिस और स्कूल जाने वाले लोगों को इस रोड से काफी लाभ होगा।
क्या है योजना और कब तक होगा निर्माण Delhi flyover

सरकार के अनुसार, यह फ्लाईओवर दो चरणों में बनाया जाएगा। इसमें पहला चरण साकेत जी ब्लॉक से संगम विहार तक लगभग 2.42 किलोमीटर लंबा होगा और दूसरा चरण मां आनंदमयी मार्ग से पुल प्रहलादपुर तक करीब 2.48 किलोमीटर में तैयार किया जाएगा। यह परियोजना 2027 के अंत तक पूरी होने की सम्भावना है। अधिकारीयों के अनुसार निर्माण कार्य चरणबद्व तरिके से पूरा किया जाएगा जिससे समय पर निर्माण पूरा हो सकेगा।
इन इलाकों को मिलेगा सीधा लाभ
इस परियोजना से भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात की स्थिति बेहतर होने की संभावना है। जिसके चलते इन इलाकों को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा इसमें साकेत, अंबेडकर नगर, खानपुर, संगम विहार पीक आवर्स के दौरान इन क्षेत्रों में अक्सर लंबा जाम लगता है, जिससे लोगों को रोजाना समय और ईंधन दोनों का नुकसान होता है। Delhi flyover
क्यों जरूरी था यह प्रोजेक्ट
दिल्ली में वाहनों की संख्या हर साल तेजी से बढ़ रही है। परिवहन विशेषज्ञों के मुताबिक राजधानी में रजिस्टर्ड वाहनों की संख्या करोड़ों में पहुंच चुकी है, जिसके कारण मुख्य सड़कों पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
ऐसे में एलिवेटेड रोड और फ्लाईओवर जैसी परियोजनाएं यातायात को ऊपर और नीचे अलग करने में मदद करती हैं, जिससे जाम की स्थिति कम होती है। एक शहरी योजना विशेषज्ञ के अनुसार, बड़े शहरों में मल्टी लेवल सड़कें बनाना भविष्य की जरूरत बन चुका है। इससे यात्रा समय कम होता है और शहर की उत्पादकता बढ़ती है।

