Credit Card Rules: अगर आप भी क्रेडिट कार्ड से हर रोज कुछ न कुछ लेनदेन करते है तो अब इसमें जल्द ही कुछ नए बदलाव होने जा रहे है। भारत में 1 अप्रैल से क्रेडिट कार्ड से जुड़े कई नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। आयकर विभाग ने ड्राफ्ट इनकम टैक्स नियम 2026 में करीब 5 तरह के बदलाव करते हुए क्रेडिट कार्ड लेनदेन की रिपोर्टिंग, पैन अनिवार्यता, टैक्स भुगतान जैसी चीजों में बदलाव किया है। इस बदलाव का उद्देश्य डिजिटल लेनदेन को और भी पारदर्शी बनाना है। इससे अब बड़े टैक्स और लेनदेन पर निगरानी और भी बढ़ेगी।
क्रेडिट कार्ड नियमों में बदलाव क्यों Credit Card Rules

अब भारत में डिजिटल लेनदेन काफी कुछ समय से लगातर बढ़ा है जिसके चलते वर्ष 2025 के आंकड़ों के मुताबिक क्रेडिट कार्ड से लेनदेन का कुल मूल्य करीब 18 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा पहुंच गया है। जिसके चलते बढ़ते डिजिटल भुगतान के साथ टैक्स अनुपालन सुनिश्चित करना जरूरी हो गया है। नई व्यवस्था से बड़े लेनदेन को ट्रैक करना आसान होगा और टैक्स चोरी की संभावना कम होगी। Credit Card Rules
बड़े क्रेडिट कार्ड भुगतान की जानकारी आयकर विभाग को मिलेगी
अब नए नियमों में बदलाव के चलते किसी भी बड़े टैक्स भुगतान के बारे में जानकारी सीधा विभाग को मिलेगी। यह भुगतान 10 लाख या उससे अधिक का हो तो ही ऐसा होगा। अगर 1 लाख तक का भुगतान नगदी में किया गया है तो उसकी भी रिपोर्टिंग जरूरी होगी। इससे खर्च टैक्स रिकॉर्ड से जुड़ेगा और पारदर्शिता बढ़ेगी। विशेष्य्ज्ञों के मुताबिक इससे लेनदेन की प्रक्रिया पर बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी और टेक्स सिस्टम मजबूत होगा।
अब क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट बनेगा एड्रेस प्रूफ
नई व्यवस्था के तहत तीन महीने तक पुराना क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट पता प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जा सकेगा। इससे अब पैन कार्ड के लिए आवेदन प्रक्रिया भी आसान हो जाएगी और अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की जरूरत कम होगी। नए आवेदकों के लिए प्रक्रिया तेज होगी। Credit Card Rules
आयकर भुगतान के लिए क्रेडिट कार्ड का उपयोग संभव होगा
अब आयकर भुगतान करते समय क्रेडिट कार्ड का उपयोग भी कर सकेंगे। इससे टैक्स भुगतान के विकल्प बढ़ेंगे और भुगतान अधिक सुविधाजनक होगा जिसके चलते आपात स्थिति में तुरंत टैक्स जमा किया जा सकेगा। हालाँकि क्रेडिट कार्ड से टैक्स का भुगतान करते समय अतरिक्त शुल्क भी लग सकता है।
क्रेडिट कार्ड पर टैक्स नियम स्पष्ट
यदि कोई क्रेडिट कार्ड किसी कंपनी द्वारा दिया गया है तो उसके खर्च भी कंपनी ही भुगतान करेगी। जिसे आय का हिंसा माना जाएगा। यदि खर्च व्यक्तिगत उपयोग के लिए किया गया हो तो ही टैक्स लगेगा और यदि खर्च आधिकारिक कार्यों के लिए हो तो कोई टैक्स नहीं लगेगा। इसका प्रमाण कंपनी के पास भी रहेगा।
नया क्रेडिट कार्ड लेने के लिए पैन नंबर अनिवार्य होगा
अब कोई भी व्यक्ति बिना पैन नंबर दिए क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन नहीं कर सकेगा। इसका उद्देश्य फर्जी खातों पर रोक लगाना , टैक्स रिकॉर्ड से लेनदेन को जोड़ना, वित्तीय सिस्टम को अधिक सुरक्षित बनाना , यह कदम सरकार के डिजिटल और पारदर्शी अर्थव्यवस्था के लक्ष्य के अनुरूप है।

