Haryana Panchayat Election: वर्तमान में जहा पुरे देश में आधुनिक और डिजिटल युग की नै ऊंचाइयों की बातें हो रही है , विज्ञान की तरक्की ने कई नए कृतिमान स्थापित कर दिए है वही हरियाणा के रोहतक जिले में 2 गांव ऐसे भी है जहां चुनाव को लेकर ऐसा अंधविश्वास और डर का माहौल है की यहाँ चुनाव की पंच की सीट पर इलेक्शन लड़ने के लिए कोई भी व्यक्ति अपना नामांकन नहीं भरता। Haryana Panchayat Election
लोगों में ऐसा डर बैठ गया है की अब लोकतांत्रिक प्रक्रिया ही इन सीटों पर रुक गई है और यह सीटें करीब 10 साल से ऐसे ही खली पड़ी है।
जो पंच बनेगा उसकी मौत Haryana Panchayat Election

यह गावों में कोई भी पंच बनने के लिए इसलिए तैयार नहीं है क्योंकि यहाँ अगर कोई भी पंच बनता है तो ऐसा कहा जाता है की उसकी मौत हो जाती है। जिसके चलते यहाँ पंच के किये कोई भी अपना नामांकन नहीं करवाता। यह गांव रोहतक के सुंदरपुर और इस्माइला है यहाँ 9B में पंच पद के लिए कोई भी नाम दाखिल नहीं हुआ है।
हालाँकि प्रशासन की और से इन खली पदों के लिए नामांकन की प्रक्रिया करवाई जा रही है लेकिन कोई भी इस पद के लिए अपना नाम लिखवाने को तैयार नहीं है। जिसके चलते दोनों गावों में सन्नाटा छा गया है। जिसके चलते यहाँ पंच बनने के लिए कोई भी उमेदवार सामने नहीं आया है और न ही किसी ने भी नाम लिखवाने के बारे में हिम्मत की है। Haryana Panchayat Election
जिसके चलते गांव इस्माइला 9B के पंच पद के वार्ड नंबर 13 में पिछले करीब 8 साल से पंच की सीट खली है जबकि गांव सुंदरपुर के वार्ड 1 में करीब पिछले 10 साल से ही पंच की सीट खली पड़ी है।
लोगों में दर का माहौल Haryana Panchayat Election
गांव सुंदरपुर के सरपंच प्रवीन राठी ने कहा कि इन पंच के पदों पर जो भी चुनाव लड़ता है उसकी कुछ समय बाद ही मौत हो जय है जिसके चलते यहाँ कोई भी चुनाव लड़ने को तैयार नहीं है और अब तक ऐसी 3 घटनाए हो चुकी है । जिसके बाद से लोगों के मन में डर का माहौल है। पिछले 2 प्लान में टीनू और रमेश पंच बने थे जिसके चलते उनकी बीमारी से मृत्यु हो गई है। वही जिले के करीब 8 वार्ड में खली पड़े पदों के लिए सर्व सम्मति से सरपंच चुन लिया गया है।
ऐसे ही जाँच के बाद कहा जा रहा है कि अंधविश्वास के कारण इस गांव में कोई भी पंच नहीं बन रहा। गांव के लोगों ने भी कहा कि मौत का दर होने के कारण यहाँ कोई भी पंच नहीं बन रहा। हालाँकि गांव के लोगों को इस बारे में समझया भी गया ताकि दर को खत्म किया जा सकें। Haryana Panchayat Election

