Agniveer Reservation: चंडीगढ़ प्रशासन की और से पूर्व अग्निवीरों को जेल वार्डर की सीधी भर्ती में 20 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया है। यह फैसला के चलते अब जेल वार्डर पद जो ग्रुप C की श्रेणी में है उनमे करीब 20 पद पूर्व अग्निवीरों से भरे जाएगें। जिसके चलते सेना में 4 साल की सेवा देने के बाद युवाओं को फिर से सरकारी नौकरी मिल सकें। वर्तमान समय में पुरे देश में सेवाएं दे रहे अग्निपथ योजना के युवाओं की भर्ती को लेकर चर्चा की जा रही है।
क्या है नया फैसला Agniveer Reservation

चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने स्पष्ट किया कि जेल वार्डर की सीधी भर्ती में 20 प्रतिशत सीटें पूर्व अग्निवीरों के लिए सुरक्षित रहेंगी। भर्ती प्रक्रिया निर्धारित सरकारी नियमों के अनुसार होगी। इससे पहले चंडीगढ़ पुलिस में कांस्टेबल एग्जीक्यूटिव और वायरलेस पदों पर भी 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जा चुका है। अब यही व्यवस्था फायर सर्विस और वन विभाग के कुछ पदों पर भी लागू की जाएगी। Agniveer Reservation
इन विभागों में मिलेगा लाभ Agniveer Reservation
जेल वार्डर ग्रुप C पद पर चंडीगढ़ पुलिस कांस्टेबल, फायर सर्विस के चयनित पद, वन विभाग के योग्य पद पर नौकरी का मौका मिलेगा। अग्निपथ योजना के तहत युवाओं को सशस्त्र बलों में चार साल के लिए अग्निवीर के रूप में नियुक्त किया जाता है। सेवा अवधि पूरी होने के बाद लगभग 75 प्रतिशत अग्निवीरों को नागरिक जीवन में लौटना होता है।
रक्षा मामलों के विशेषज्ञों के अनुसार हर साल हजारों प्रशिक्षित युवा सेवा पूरी कर बाहर आएंगे। ऐसे में उनके लिए वैकल्पिक रोजगार व्यवस्था बनाना सरकारों के लिए अहम मुद्दा है। एक पूर्व सैन्य अधिकारी के मुताबिक, सेना में चार साल का अनुशासन, शारीरिक क्षमता और तकनीकी प्रशिक्षण इन युवाओं को सुरक्षा और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों के लिए उपयुक्त बनाता है।
क्यों महत्वपूर्ण है 20 प्रतिशत आरक्षण
यह फैसला तीन स्तरों पर असर डाल सकता है इससे रोजगार सुरक्षा मिलेगी जिसके चलते सेना से बाहर आने वाले युवाओं को स्थायी सरकारी नौकरी का अवसर मिलेगा। और प्रशिक्षित मानव संसाधन जैसे जेल, पुलिस और फायर सर्विस जैसे विभागों को अनुशासित और प्रशिक्षित कर्मचारी मिलेंगे। और सामाजिक स्थिरता बानी रहेगी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पूर्व सैनिकों को समय पर रोजगार मिले तो सामाजिक असंतोष की आशंका कम होती है।
अब पुरुष कांस्टेबल एग्जीक्यूटिव पदों पर पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। इससे यह संकेत मिलता है कि अलग अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में समान नीति अपनाने की दिशा में पहल हो रही है। पहले भी हुए हैं ऐसे कदम केंद्र सरकार पहले ही केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और कुछ सार्वजनिक उपक्रमों में पूर्व अग्निवीरों को प्राथमिकता देने की बात कर चुकी है। हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों ने भी पुलिस भर्ती में आरक्षण या आयु सीमा में छूट की घोषणा की है।

