DA hike 2026: केंद्र सरकार ने लाखों कर्मचारियों और पेंशनधारकों के महंगाई भत्ते को लेकर इंतज़ार अभी और बढ़ा दिया है। हालाँकि अब से पहले हर साल जनवरी से लेकर जून के महंगाई भत्ते की घोषणा मार्च के आस पास कर दी जाती है लकिन इस बार केंद्र की केबिनेट मेटिंग में अभी यह फैसला नहीं लिया गया है जिसके चलते अभी उम्मीद जताई जा रही है की त्योहारों के आस पास महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी हो सकती है।
जानकरों के मुताबिक इस कर करीब 2 प्रतिशत महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी हो सकती है। जिसके चलते यह 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। DA hike 2026
कैबिनेट बैठक में निर्णय की उम्मीद थी DA hike 2026

केंद्र सरकार आम तौर पर साल में दो बार महंगाई भत्ता संशोधित करती है। यह संशोधन जनवरी और जुलाई से प्रभावी होता है। इस के चलते अभी हाल ही में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कर्मचारियों को उम्मीद थी कि महंगाई भत्ते पर फैसला घोषित किया जाएगा। लेकिन बैठक में बारे में कोई घोषणा नहीं की गई है।
महंगाई भत्ते में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है
आर्थिक जानकारों के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित आंकड़ों के आधार पर इस बार महंगाई भत्ते में लगभग 2 प्रतिशत की वृद्धि संभव है। जैसे की पहले भी बताया गया है किअगर यह प्रस्ताव लागू होता है तो वर्तमान दर लगभग 58 प्रतिशत है जो संभावित नई दर लगभग 60 प्रतिशत हो सकती है।
महंगाई भत्ता कैसे तय होता है DA hike 2026
महंगाई भत्ता तय करने के लिए सरकार औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़ों का उपयोग करती है। हर छह महीने में इन आंकड़ों के आधार पर यह देखा जाता है कि बाजार में कीमतें कितनी बढ़ी हैं और उसी के अनुसार भत्ते में संशोधन किया जाता है। जिसके चलते पिछले कुछ वर्षों में जनवरी 2024 में 4 प्रतिशत वृद्धि की गई थी जबकि जुलाई 2024 में भी 4 प्रतिशत वृद्धि हुई थी। DA hike 2026
देशभर के कर्मचारियों पर पड़ेगा असर
केंद्र सरकार के करीब 50 लाख कर्मचारी और लगभग 65 लाख पेंशनभोगी महंगाई भत्ते के संशोधन से सीधे प्रभावित होते हैं। इसलिए हर संशोधन का असर लाखों परिवारों की आय और खर्च पर पड़ता है।
कैबिनेट बैठक में अन्य महत्वपूर्ण फैसले
हाल की कैबिनेट बैठक में कुछ बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इसमें उत्तर प्रदेश में जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए सड़क संपर्क परियोजना की संशोधित लागत को स्वीकृति और मध्य प्रदेश में दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे के एक हिस्से को चार लेन में विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी।

