Delhi metro corridor: दिल्ली मेट्रो सेवा कनेक्टिविटी को और अधिक मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे है ऐसे ही मेट्रो का काफी विस्तार किया जा रहा है। इसी के चलते चौथे चरण में परियोजनाओं के तहत 2 नए मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण कार्य पूरा हो चूका है जिसके चलते अब अगले चरण में 2 नई लाइन का कार्य शुरू होगा। सरकारी आंकड़ों से मिली जानकारी के मुताबिक 18300 करोड़ रुपये का खर्च इन परियोजनाओं पर आएगा।
जिसके चलते इस नए कॉरिडोर से सेंट्रल विस्टा और बहरी दिल्ली और NCR के बीच के शहरों की यात्रा और भी तेज और सुगम हो सकेगी। जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 मार्च को नए मेट्रो कॉरिडोर का उद्घाटन और आगामी परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। Delhi metro corridor
दिल्ली मेट्रो का विस्तार क्यों महत्वपूर्ण Delhi metro corridor

दिल्ली मेट्रो सबसे व्यस्त शहरी नेटवर्क में से एक है। जिसके चलते दिल्ली में लाखो लोग हर दिन एक साथं से दूसरे स्थान पर जाने के लिए इस सार्वजनिक मेट्रो नेटवर्क का प्रयोग करतें है। इसके अलावा शहर में लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक के कारण भी मेट्रो नेटवर्क का विस्तार करना जरुरी है। जिसके चलते अब बहरी क्षेत्रों में मेट्रो नेटवर्क को विकसित किया जा रहा है। Delhi metro corridor
मेट्रो नेटवर्क के लाभ
मेट्रो नेटवर्क के फायदों की बात करें तो सड़क यातायात का दबाव कम होगा और यात्रा का समय घटेगा जिसके चलते एनसीआर के शहरों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी और शहरी परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि मेट्रो विस्तार से दिल्ली का ट्रैवल पैटर्न आने वाले वर्षों में काफी बदल सकता है। Delhi metro corridor
मजेंटा लाइन का विस्तार Delhi metro corridor
बाहरी दिल्ली से सेंट्रल दिल्ली तक सीधा संपर्क करने के लिए अब मेट्रो नेटवर्क का और विस्तार किया जा रहा है। जिसके चलते मेट्रो के चौथे चरण में जनकपुरी पश्चिम से आरके आश्रम मार्ग विस्तार परियोजना के तहत एक नया एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार किया गया है। अब यह कॉरिडोर करीब 9.92 किलोमीटर लंबा है और दीपाली चौक से मजलिस पार्क तक फैला हुआ है। इस कॉरिडोर में मुख्य ये स्टेशन शामिल होंगें-
इस मार्ग पर मजलिस पार्क और मधुबन चौक के बाद हैदरपुर बादली मोड़ और अन्य कनेक्टिंग स्टेशन शामिल होंगें। इस विस्तार के बाद मजेंटा लाइन की कुल लंबाई लगभग 49 किलोमीटर हो जाएगी। इससे पीतमपुरा, प्रशांत विहार और आसपास के इलाकों के लोगों को सेंट्रल दिल्ली पहुंचने में कम समय लगेगा।
पिंक लाइन बनेगी दिल्ली की पहली रिंग मेट्रो
ऐसे ही अब दिल्ली की पहली रिंग मेट्रो पिंक लाइन को बनाया जाएगा। जो मजलिस पार्क से मौजपुर तक करीब 12.31 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर तैयार किया जाएगा। इसके शुरू होने के बाद यह लाइन दिल्ली की पहली रिंग मेट्रो लाइन बन जाएगी जो शहर के कई हिस्सों को एक सर्कुलर नेटवर्क में जोड़ेगी।
इस कॉरिडोर के प्रमुख स्टेशन
इस कॉरिडोर में मुख्य स्टेशन की बात करें तो इसमें मजलिस पार्क, बुराड़ी, झड़ौदा माजरा, जगतपुर वजीराबाद, सूरघाट, सोनिया विहार, जूरी खास, भजनपुरा, यमुना विहार, मौजपुर बाबरपुर अदि शामिल होंगें। इस रिंग कनेक्शन से उत्तर दिल्ली, पूर्वी दिल्ली और उत्तर पूर्वी दिल्ली के बीच यात्रा तेज होने की उम्मीद है। Delhi metro corridor
गोल्डन लाइन से एयरपोर्ट कनेक्टिविटी मजबूत
अगले चरण में गोल्डन लाइन के तहत दो नए मेट्रो कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। इनका उद्देश्य एयरपोर्ट और दक्षिणी दिल्ली के बीच बेहतर परिवहन सुविधा प्रदान करना है। इसमें एरोसिटी से एयरपोर्ट टर्मिनल 1 जिसकी लंबाई लगभग 2.26 किलोमीटर है और स्टेशन एरोसिटी और एयरपोर्ट टर्मिनल 1 कॉरिडोर बनाए जा रहे है इससे एयरपोर्ट के अलग अलग टर्मिनल के बीच आसानी से यात्रा हो सकेगी।
तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज की लंबाई लगभग 3.9 किलोमीटर है और स्टेशन सरिता विहार डिपो, मदनपुर खादर और कालिंदी कुंज तक यह मार्ग दक्षिण पूर्वी दिल्ली को बेहतर तरीके से जोड़ेगा।
सेंट्रल विस्टा क्षेत्र को भी मिलेगा मेट्रो कनेक्शन
मजेंटा लाइन पर प्रस्तावित आरके आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर लगभग 9.9 किलोमीटर लंबा होगा। जिसके चलते इस पर कुल नौ स्टेशन बनाए जाएंगे जिनमें आरके आश्रम मार्ग, शिवाजी स्टेडियम, केंद्रीय सचिवालय, कर्तव्य भवन, बड़ौदा हाउस, इंडिया गेट, वार मेमोरियल हाई कोर्ट, भारत मंडपम, इंद्रप्रस्थ स्टेशन शामिल होगें।
एनसीआर के यात्रियों को भी मिलेगा फायदा
नई मेट्रो लाइनों के शुरू होने से दिल्ली के साथ साथ नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और बल्लभगढ़ के यात्रियों को भी फायदा होगा।

