Dr. Shaifali Success Story : मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती यह कहावत नरवाना क्षेत्र की बेटी डा. शैफाली पर सटीक बैठती है। राजकीय माडल स्कूल, बेलरखा के प्राचार्य बलजीत गोयत की बेटी डा. शैफाली ने नीट सुपर स्पेशियलिटी (एमसीएच हेड एंड नेक सर्जरी) परीक्षा में पूरे भारत में 20वां रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है।
पिता जुबान से सुनिए बेटी की कहानी (Dr. Shaifali Success Story)
उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई। उनके पिता बलजीत गोयत ने बताया कि डा. शैफाली आरंभ से ही होनहार रही है। उसने वर्ष 2018 में एमस जोधपुर से एमबीबीएस की थी, जोकि उसके लिए पहली सीढ़ी थी। उन्होंने बताया कि एमस जैसे संस्थान में पढ़ाई के दौरान उन्होंने अनुशासन, लगन और कड़ी मेहनत का जो पाठ सीखा, उसे उन्होंने जीवन में उतार लिया। इसके बाद उन्होंने अपनी सुपर स्पेशियलिटी की तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने बताया कि मेडिकल क्षेत्र की यह परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है, जहां देशभर के सर्वश्रेष्ठ डाक्टर प्रतिस्पर्धा करते हैं।
आत्मविश्वास और अनुशासन का परिणाम (Dr. Shaifali Success Story)
ऐसे में टाप-20 में स्थान बनाना डा. शैफाली की अटूट लगन और स्मार्ट वर्क को दर्शाता है। उन्होंने अपने लक्ष्य को कभी नजरअंदाज नहीं किया और हर दिन नई ऊर्जा के साथ पढ़ाई में जुटी रहीं। यह सफलता उनके धैर्य, आत्मविश्वास और अनुशासन का परिणाम है। लोगों ने कहा कि बलजीत गोयत ने अपनी बेटी में कभी हार न मानना और हमेशा ईमानदारी से मेहनत करना के संस्कार डाले। वे खुद स्कूल में छात्रों को प्रेरित करते हैं और आज उनकी बेटी ने पूरे क्षेत्र के छात्रों के लिए एक मिसाल कायम कर दी है।

