Education Jind : नए शैक्षणिक सत्र में फीस बढ़ाने से पहले निजी स्कूलों को फार्म-6 अनिवार्य रूप से भरना है। जिले के 396 स्कूलों को एमआइएस पोर्टल पर आनलाइन माध्यम से फार्म-6 जमा कराना है, जिसमें से 31 स्कूलों ने फार्म-6 सबमिट कर दिया है और 365 स्कूलों द्वारा फार्म-6 अपलोड करने की प्रक्रिया प्रोसेस में है। शिक्षा निदेशालय के आदेशानुसार 31 मार्च तक फार्म-6 जमा करवाने का समय है। इससे पहले निजी स्कूल संचालक अपने स्कूलों में फीस की बढ़ोतरी नहीं कर सकेंगे।
अधिकतर निजी स्कूलों में फीस बढ़ोतरी (Education Jind)
हर वर्ष नए शैक्षणिक सत्र के दौरान अधिकतर निजी स्कूलों में फीस बढ़ोतरी कर अभिभावकों की जेब पर आर्थिक बोझ डाला दिया जाता है। निदेशालय के आदेश अनुसार स्कूल संचालक 31 मार्च तक फार्म-6 आनलाइन माध्यम से भर सकते हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार फार्म-6 में स्कूल के मुखिया का नाम, फोन नंबर, ई-मेल आईडी, स्कूल का पिन कोड, प्रबंधन समिति या ट्रस्ट का नाम भरना जरूरी है। स्कूल की मान्यता की कापी भी लगाना आवश्यक है। इसके अलावा स्कूल की कक्षा अनुसार फीस से लेकर विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधाओं व स्टाफ संबंधी जानकारी देना जरूरी है।

अभिभावकों पर आर्थिक बोझ (Education Jind)
साथ ही स्कूल की परिवहन व शैक्षणिक भ्रमण सहित सभी प्रबंधों की जानकारी देनी होती है। स्कूल केवल पंजीकरण, दाखिला, बोर्ड परीक्षा व फार्म में घोषित समग्र फीस ही ले सकेंगे। मगर कई स्कूल संचालक बिना फार्म-6 भरे ही नए सत्र में स्कूलों की फीस बढ़ा देते हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है।
नए शैक्षणिक सत्र में सभी स्कूलों को फार्म-6 आनलाइन भरना अनिवार्य है। फार्म छह अपलोड करने के बाद ही नए सत्र में फीस बढ़ोतरी कर सकेंगे। अगर किसी स्कूल ने फार्म-6 में भरी जाने वाली फीस से अधिक फीस विद्यार्थियों से वसूली तो शिक्षा विभाग की ओर से उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

