gas cylinder booking : घरेलू गैस सिलिंडर लेने के लिए वीरवार को एजेंसियों में भीड़ लगी रही। बुकिंग करवाने के लिए लोग लाइन में लगे रहे। बहुत से उपभोक्ता जिन्होंने केवाइसी नहीं करवाई हुई है, उनकी सिलिंडर की बुकिंग नहीं हो रही है। अब वे केवाइसी करवाने पहुंच रहे हैं।
वहीं एक सिलिंडर (gas cylinder booking) लेने के 25 दिन बाद दोबारा बुकिंग 25 दिन बाद हो रही है। बुकिंग के पांच दिन बाद सिलिंडर मिल रहा है। वहीं बुकिंग करवाने में भी शामिल आ रही है। डीआरडीए के सामने हुडा मार्केट में एचपी गैस एजेंसी के कार्यालय में वीरवार को काफी संख्या में लोग पहुंचे हुए थे। जिनमें से कई शिकायत थी कि मोबाइल पर बुकिंग के लिए अप्लाई करते हैं, तो ओटीपी नहीं आता है।
एजेंसी पर मौजूद एक कर्मचारी ने बताया कि साइट नहीं चलने की वजह से ओटीपी में समस्या आ रही है। वहीं शहर के स्कीम नंबर छह में भी गैस एजेंसी के कार्यालय में दिनभर लोगों की भीड़ लगी रही। एजेंसी के कर्मचारियों ने बताया कि सामान्य दिनों से ज्यादा लोग पिछले कुछ दिनों से सिलिंडर की बुकिंग करवाने के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें से बहुत से उपभोक्ता ऐसे होते हैं, जिनकी बुकिंग का समय भी पूरा नहीं हुआ है।
काफी उपभोक्ताओं ने केवाइसी भी नहीं करवाई हुई है। पहले तो बगैर केवाइसी के गैस सिलिंडर मिल जाता था। लेकिन अब केवाइसी अनिवार्य कर दी गई है। वहीं कामर्शियल सिलिंडर के लिए भी मारामारी होने लगी है। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय के हास्टल में सिलिंडर (gas cylinder booking) कम पड़ गए।

विश्वविद्यालय ने एजेंसी को सिलिंडर उपलब्ध करवाने के लिए पत्र लिखा है। हास्टल में विद्यार्थियों व टीचिंग स्टाफ के 250 लोगों के लिए खाना बनता है। वहीं होटल व रेस्टोरेंट संचालकों की भी परेशानी बढ़ गई है। निर्धारित रेट से एक हजार से 1500 रुपये ज्यादा देकर भी मुश्किल से कामर्शियल सिलिंडर मिल रहे हैं।
होटल संचालकों का कहना है कि जल्द ही कामर्शियल सिलिंडर (gas cylinder booking) की सप्लाई से रोक नहीं हटती है, तो इंडक्शन चूल्हा, लकड़ी सहित अन्य विकल्प अपनाने पड़ेंगे। जिले में कुल 24 गैस एजेंसी हैं। वहीं तीन लाख 18 हजार 173 गैस कनेक्शन उपभोक्ता हैं। जिले में रोजाना लगभग 1030 कमर्शियल सिलिंडर और करीब साढ़े 13 हजार घरेलू सिलिंडर मांग रहती है।
सिलिंडर खत्म हो चुका, पड़ोसी से उधारा लेकर काम चला रहे
एजेंसी पर सिलिंडर की बुकिंग करवाने पहुंचे शिव कालोनी निवासी महेंद्र ने बताया कि गैस सिलिंडर खत्म हो चुका है। आनलाइन नई बुकिंग नहीं हो रही है। एजेंसी पर आया, तो यहां कर्मचारियों ने बताया कि जिस दिन सिलिंडर की घर डिलीवरी हुई थी, उसी के 25 दिन बाद दोबारा बुकिंग होगी। जबकि पिछले सिलिंडर बुकिंग के 20 दिन बाद उसके घर पहुंचा था। फिलहाल पड़ोसी से सिलिंडर लेकर काम चला रहे हैं।

30 मार्च से पहले सिलिंडर नहीं मिलेगा, तब तक काम कैसे चलेगा
एजेंसी पर सिलिंडर लेने पहुंची संतोष ने बताया कि गैस सिलिंडर (gas cylinder booking) खत्म हो चुका है। इसलिए वह 100 रुपये में किराये पर आटो करके एजेंसी पहुंची थी। यहां स्टाफ ने बताया कि उसको 30 मार्च को सिलिंडर मिलेगा। तब तक कैसे काम चलेगा। शहर में रसोई का सारा कार्य गैस सिलिंडर से ही होता है। इसलिए एक माह भी सिलिंडर नहीं चलता है।
शादियों की बुकिंग हैं, कामर्शियल सिलिंडर नहीं मिल रहे
नैन स्वीट्स संचालक सुरेश नैन बताया कि शादियों की बुकिंग आई हुई हैं। लेकिन कामर्शियल सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं। जिसकी वजह से दिक्कत आ रही है। जो सिलिंडर (gas cylinder booking) उपलब्ध थे, वे खत्म हो चुके हैं। एजेंसी में संपर्क कर रहे हैं, वहां से कामर्शियल सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं।
राजकीय स्कूलों में मिड डे मील को लेकर अभी पर्याप्त स्टाक
राजकीय स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को मिड डे मील मिलता है। पहली से आठवीं कक्षा के राजकीय स्कूलों में लगभग 63 हजार विद्यार्थियों को मिड डे मील दिया जाता है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी महेंद्र सिंह ने कहा कि फिलहाल एक सप्ताह का गैस सिलिंडर का स्टाक है। अगर किसी कारण से स्कूलों में सिलिंडर की सप्लाई नहीं हो पाती है, तो चूल्हे पर खाना पकाकर दिया जाएगा। विद्यार्थियों के मिड डे मील को लेकर कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।

