Haryana ACB Raid : हरियाणा में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने एक ही दिन में दो अलग-अलग जगहों से चार रिश्वतखोरों को दबोचने में सफलता मिली है। एक जगह बिल पास करने की एवज में 3 कर्मचारी पकड़े गए तो दूसरी जगह पर लोन की लिमिट बढ़ाने के नाम रिश्वत लेते हुए कर्मचारी धरा गया। एंटी करप्शन ब्यूरो (Anti corruption bureau) की टीम जांच में जुटी है।
पहले मामले के अनुसार कैथल निवासी ठेकेदार विशाल ने ACB को दी शिकायत में बताया कि साल 2016 से 2025 के बीच उनकी फर्म ने पब्लिक हेल्थ विभाग के तहत कई विकास कार्य किए थे। इन कार्यों के करीब 25 से 30 लाख रुपये के बिल विभाग पेंडिंग पड़े थे। कैथल जिले में पब्लिक हेल्थ विभाग के डिप्टी सुपरिटेंडेंट कमलकांत, विभाग में ही HKRN के तहत लगे बलजीत और अशोक बिल पास करने की एवज में रिश्वत मांग रहे थे।

Haryana ACB Raid : 30 हजार रुपए मांगी थी रिश्वत
ठेकेदार विशाल ने इसकी शिकायत की तो आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ने के लिए ठेकेदार को 30 हजार रुपए की राशि पाउडर लगा कर रिश्वत के रूप में देने के लिए दी और जाल बिछाया। ड्यूटी मैजिस्ट्रेट के तौर पर डीआरओ चंद्रमोहन को नियुक्त किया गया। जैसे ही आरोपियों ने रिश्वत की राशी ली, टीम ने दबिश देकर उन्हें दबोच लिया। रिश्वत के 30 हजार रुपयों में से 20 हजार रुपए डिप्टी सुपरिटेंडेंट और 5-5 हजार रुपए बलजीत और अशोक ने आपस में बांटने थे। ACB इंस्पेक्टर सूबे सिंह के अनुसार आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
Haryana ACB Raid : को-ऑपरेटिव सोसाइटी का सेल्समैन 10 हजार रिश्वत लेते काबू
दूसरे मामले में गोहाना के गांव भैंसवाल कलां में स्थित एक कोऑपरेटिव सोसाइटी में कार्यरत सेल्समैन सुभाष सोसाइटी सदस्य गांव कटवाल निवासी कुलदीप से उसकी MCL (मैक्सिमम क्रेडिट लिमिट) कार्ड की सीमा बढ़ाने के लिए 15 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा था।

दरअसल कुलदीप का MCL कार्ड बना हुआ है और इसकी लिमिट 60 हजार की थी। कुलदीप लिमिट बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपए करवाना चाह रहा था लेकिन सेल्समैन सुभाष इसके बदले में 15 हजार रुपए रिश्वत मांग रहा था। कुलदीप ने इसकी शिकायत ACB को दी तो टीम ने जाल बिछाकर सुभाष को सोसाइटी कार्यालय से ही रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

