Haryana Collector Rate Hike: चंडीगढ़ में वर्तमान में हर जगह पर जमीन के नए कलेक्टर को लेकर हलचल देखने को मिल रही है। इसी के चलते हरियाणा में भी सरकार वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही जमीनों के सरकारी दामों में बदलाव करने की तैयारी में है। इसी के चलते 143 तहसीलों के प्रस्तावों के आधार पर प्रशासन ने सूचि तैयार कर ली है। Haryana Collector Rate Hike
जिसके चलते आने वाले दिनों में रियल एस्टेट की दिशा और रफ़्तार दोनों तय होंगी। जानकरों के मुताबिक इस बार बढ़ोतरी को संतुलित रखने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन विकास की दौड़ में जो इलाके आगे चल रहे है वहां यह उछाल काफी देखने को मिलेगा।
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जैसे की पहले भी बताया है की कलक्टर रेट में ज्यादा बढ़ोतरी उन इलाकों में होने की उम्मीद है जहां हाल ही में बुनियादी ढांचे को तेज गति से विकसित किया जा रहा है। हाल ही में पिछले वर्ष कलेक्टर रेट 80 प्रतिशत तक बढ़ गए है। इस बार भी अगर ऐसे ही बढ़ोतरी होती है तो मध्य वर्ग के लिए जमीन खरीदना और भी महंगा हो जाएगा। कि रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी का सीधा संबंध कलेक्टर रेट से ही होता है।
किसानों की चांदी: जमीन बेचने पर मिलेगा मोटा मुनाफा
दूसरी और किसानों की बात करें तो यह बेहद सुखद है जिन किसानों की जमीन इन विकासशील क्षेत्रों में आती है। क्योंकि कलेक्टर रेट बढ़ने से अगर कोई भी जमीन बेचता है तो उसे अधिक मुनाफा मिलेगा। इसी के चलते सरकारी आदिग्रहण में भी अब जमीन मालिकों को पहले से कही अधिक मुआवजा मिलेगा। Haryana Collector Rate Hike
जिसके चलते ग्रामीण अर्थव्यवस्था और भी मजबूत होगी। इसी के चलते निवेशक भी अब उसी स्थान पर निवेश कर रहे है जहां अधिक मुनाफा आने वाले समय में मिलेगा।
सरकारी खजाने में लगातार बढ़ रहा है राजस्व Haryana Collector Rate Hike
हरियाणा सरकार के लिए जमीनों की रजिस्ट्री राजस्व का एक बड़ा स्रोत बनकर उभरी है। आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले तीन वर्षों में स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क से होने वाली कमाई में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। Haryana Collector Rate Hike
2023-24 में कुल राजस्व लगभग 9,483 करोड़ रुपये था। वही 2024-25 में यह आंकड़ा बढ़कर 10,980 करोड़ रुपये पहुंच गया। और 2025-26 वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, सरकार ने 13,000 करोड़ रुपये से अधिक का आंकड़ा पार कर लिया है।

