Haryana Electricity Bill Charges: हरियाणा में बिजली उपभोगताओं को इस बार के बिल में कई नए शुल्क जोड़ कर दिया जा रहा है जिसके चलते उपभोगता पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है। इस बार के बिजली बिल में फिक्स चर्ज के अलावा फ्यूल सरचार्ज और इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी जैसे शुल्क जोड़ दिए गए है जिसके चलते बिजली बिल की राशि बढ़ने से आम व्यक्ति पर घरेलू बजट का भी सीधा असर हो गया है। Haryana Electricity Bill Charges
जिसके चलते ग्रामीण इलाके में इस समय बिल की स्तिथि काफी भ्रमित है। ग्रामीणों के मुताबिक इस बार के बिल में पंचायत टैक्स के स्थान पर म्यूनिसिपल टैक्स जोड़ दिया गया है जिसके चलते बिजली बिल के दफ्तर के सामने इस शिकायत को लेकर लम्बी कतारें लग गई है।
बिजली बिल में लगने वाले विभिन्न शुल्कों का गणित Haryana Electricity Bill Charges

अक्सर हम केवल यूनिट की दर पर ध्यान देते हैं लेकिन आपके बिजली बिल का एक बड़ा हिस्सा अतिरिक्त शुल्कों से बना होता है। आइए समझते हैं कि आपके बिल में कौन सा पैसा किस मद में जा रहा है: Haryana Electricity Bill Charges
फ्यूल सरचार्ज
हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) कोयले की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव के आधार पर फ्यूल सरचार्ज निर्धारित करता है। बिजली उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले ईंधन यानी कोयले के रेट जब बढ़ते हैं तो उसकी भरपाई उपभोक्ताओं से की जाती है। वर्तमान में यह लगभग 40 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से वसूला जा रहा है। Haryana Electricity Bill Charges
फिक्स चार्ज
यह शुल्क आपके घर के स्वीकृत लोड (Load) पर निर्भर करता है। अगर आपका मासिक खर्च 300 यूनिट से अधिक है तो यह लागू होता है। तो आपसे 2 से 5 किलोवाट तक: 50 रुपये प्रति किलोवाट। और 5 किलोवाट से अधिक: 75 रुपये प्रति किलोवाट। के हिसाब से सरचार्ज लिया जाएगा।
इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी
यह एक प्रकार का कर है जो राज्य और केंद्र की नीतियों के अनुसार लगाया जाता है। आमतौर पर यह 10 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिल में जोड़ा जाता है। यह राशि सीधे सरकारी खजाने में जमा होती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में टैक्स को लेकर उपजा विवाद Haryana Electricity Bill Charges
ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए सबसे बड़ी परेशानी म्यूनिसिपल टैक्स को लेकर है। नियम के अनुसार शहरी क्षेत्रों में म्यूनिसिपल टैक्स और ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत टैक्स लगाया जाता है। लेकिन इस बार कई गांवों के बिलों में पंचायत टैक्स की जगह शहरी टैक्स लिखा आ रहा है। Haryana Electricity Bill Charges
उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली निगम के कर्मचारी इस गड़बड़ी पर संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं। बिजली निगम के वरिष्ठ अधिकारियों (SE) के अनुसार यह प्रिंटिंग की तकनीकी गलती हो सकती है जिसकी जांच करवाई जाएगी। हालांकि उपभोक्ताओं का तर्क है कि अगर यह सिर्फ नाम की गलती है तो क्या वसूला गया टैक्स भी पंचायत की दरों के बराबर ही है।

