Haryana Mandi New Rules: हरियाणा सरकार की और से फसल को सही रेट पर बेचने के लिए अब कई नए नियम शुरू किये गए है जिसके चलते अब रबी की फसल मंडी में जानी शुरू 28 मार्च से 1 अप्रैल के बिच हो जाएगी। जिसके चलते अब किसानो को मंडी में फसल बेचने के लिए गेट पास कटाने की जरूरत होती है।
अब से गेट पास केवल उसी ट्रैक्टर का कटेगा जो ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट होगी। यह प्रक्रिया बिचौलियों पर नकेल कसने के लिए शुरू की जा रही है। इसी के चलते सरकार द्वारा कुछ कड़े नियम लागु किये है है ताकि किसान के वाहन की पहचान की जा सकें।
बिना नंबर प्लेट नहीं कटेगा गेट पास Haryana Mandi New Rules

बता दें कि इस बार तकनीक इतनी फस्ट की गई है कि जिस ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट नहीं होगी उसका गेट पास नहीं कटेगा। जिसके चलते सरकार जा मकसद है की फर्जीवाड़े पर रोक लगाई जा सकें। जहा कागज पर फसल की खरीद दिखा दी जाती है लेकिन कोई वाहन मंडी पहुँचता ही नहीं ऐसे में इस फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सरकार द्वारा नई पहल की गई है। Haryana Mandi New Rules
ट्रैक्टर की फोटो और नंबर प्लेट अनिवार्य: कैसे बदलेगा सिस्टम?
रबी सीजन 2026-27 के लिए जारी नई गाइडलाइंस के मुताबिक, अब मंडी के एंट्री गेट पर केवल किसान का नाम पूछकर पर्ची नहीं कटेगी। नई व्यवस्था के तहत डिजिटल अटेंडेंस: जैसे ही किसान अपनी फसल लेकर मंडी के ‘आवक गेट’ पर पहुंचेगा, वहां तैनात कर्मचारी को उसके ट्रैक्टर-ट्रॉली की फोटो खींचनी होगी। Haryana Mandi New Rules
नंबर प्लेट का खेल: फोटो में ट्रैक्टर का रजिस्ट्रेशन नंबर साफ दिखना अनिवार्य है। अगर किसी किसान के ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट नहीं है या नंबर स्पष्ट नहीं है, तो सिस्टम उसे गेटपास जारी करने की अनुमति ही नहीं देगा।
बिना गेटपास, कोई बिक्री नहीं: नियम साफ है कि बिना वैध गेटपास के फसल एमएसपी (MSP) पर नहीं खरीदी जाएगी। यानी नंबर प्लेट की एक छोटी सी लापरवाही किसान की पूरी मेहनत पर पानी फेर सकती है।
बायोमेट्रिक हाजिरी और जियो-फेंसिंग: बिचौलियों का रास्ता बंद
भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने ‘ई-खरीद’ पोर्टल को पूरी तरह अपग्रेड कर दिया है। इस बार तकनीक के दो बड़े हथियार इस्तेमाल किए जा रहे हैं:
अंगूठा लगाए बिना नहीं होगी एंट्री Haryana Mandi New Rules
अब मंडी में प्रवेश के समय किसान को बायोमेट्रिक मशीन पर अपना अंगूठा लगाना होगा। यह सुनिश्चित करेगा कि जिस किसान ने ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकरण कराया है, असल में वही अपनी उपज लेकर आया है। इससे उन बिचौलियों पर लगाम लगेगी जो किसानों के कागजात का गलत इस्तेमाल कर फसल बेच देते थे। Haryana Mandi New Rules
क्या है जियो-फेंसिंग की तकनीक?
सरकार ने सभी मंडियों और खरीद केंद्रों की जियो-फेंसिंग (Geo-Fencing) कर दी है। इसका मतलब यह है कि गेटपास, बोली की प्रक्रिया और आई-फॉर्म केवल तभी जेनरेट होंगे, जब संबंधित व्यक्ति या वाहन मंडी के तय दायरे (Geographical Boundary) के भीतर मौजूद होगा। अब घर बैठे या दूर किसी दुकान से फर्जी गेटपास बनाना तकनीकी रूप से असंभव होगा।

