Haryana news order to Doctors : हरियाणा के जींद समेत सभी जिलों में सिविल अस्पताल के डॉक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वो मरीजों की पर्ची पर दवा का नाम साफ और पढ़ने योग्य अक्षरों में लिखना अनिवार्य करें। अधिकारियों के पास शिकायतें पहुंच रही थी कि चिकित्सकों द्वारा उनकी ओपीडी स्लिप पर जो दवाएं लिखी (prescription) जाती हैं वह अस्पताल में न मिलने पर जब बाहर निजी कैमिस्ट दुकानों पर लेने जाते हैं तो उन्हें वह समझ नहीं आती।
ऐसे में स्वास्थ्य अधिकारियों ने शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए सभी चिकित्सकों को साफ व स्पष्ट अक्षरों में दवा व उपचार लिखने के लिए कहा है। इसे लेकर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। आदेशों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने यह निर्देश जारी किए हैं कि मरीज की पर्ची पर दवा और प्रिसक्रप्शन साफ होना चाहिए ताकि खराब लिखावट की वजह से गलत दवा या उपचार से बचा जा सके। चिकित्सकों को बड़े अक्षरों में दवा का नाम लिखना होगा। इसे मरीज या केमिस्ट आसानी से पढ़ सकें।
Haryana news : सरकारी के साथ निजी अस्पतालों के डॉक्टरों पर भी होंगे नियम लागू
इसका उद्देश्य है कि मरीजों के स्वास्थ्य का अधिकार (अनुच्छेद 21) को सुरक्षित किया जाए और गलत दवा के जोखिम को खत्म किया जाए। यह नियम न केवल सरकारी बल्कि निजी चिकित्सकों पर भी लागू किए गए हैं ताकि खराब हैंडराइटिंग से होने वाली मेडिकल गलतियों को रोका जा सके। जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 1600 से 1800 के बीच ओपीडी होती है।

जबकि लगभग 50 चिकित्सक प्रतिदिन ओपीडी को देखते हैं। कई बार जल्दबाजी में चिकित्सक दवा का शार्ट फोरम लिख देते हैं, जो न तो फार्मासिस्ट समझ पाते हैं और न किसी और को समझ आती है। ऐसे में मरीज को यह बोल दिया जाता है कि दवा उपलब्ध नहीं है। निजी कैमिस्ट दुकानों पर भी मरीज को यही सुनने को मिलता है, जिससे मरीज की परेशानी बढ़ जाती है।
Haryana news : आदेशों की सख्ती से पालना करवाई जाएगी : डा. भोला
नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएस डा. राजेश भोला ने कहा कि हाईकोर्ट और और डीजी हेल्थ के आदेश हैं। इसको लेकर सभी चिकित्सकों को हिदायत दी गई हैं। आदेशों की सख्ती से पालना करवाई जाएगी। इसके चलते आदेश जारी कर सभी चिकित्सकों को मरीजों की पर्ची पर दवा का नाम व उपचार साफ और पढ़ने योग्य (कैपिटल लेटर्स में) लिखना अनिवार्य करने के लिए कहा गया है।

