Haryana Panchayat Land Rules: हरियाणा में पंचायत जमीन पर ‘प्राइवेट रास्ते’ का खेल खत्म: अब ग्रामसभा की मंजूरी बिना नहीं हिलेगी एक ईंट

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Haryana Panchayat Land Rules: हरियाणा सरकार की और से ग्रामीण शामलात की साझा जमीन को लेकर बड़ी घोषणा की है जिसके चलते अब शामलात की जमीन से किसी भी प्राइवेट प्रोजेक्ट के लिए रास्ता लेना इतना आसान नहीं होगा। जानकारी के मुताबिक अब सरकार ने इसके लिए नई व्यवस्था निति लागु कर दी है जिसके चलते ग्रामसभा की सीदे तोर पर इस मामले में दखल दे सकती है।

पंचायत की जमीन पर ‘प्राइवेट’ मनमर्जी पर लगाम Haryana Panchayat Land Rules

Haryana Panchayat Land Rules: हरियाणा में पंचायत जमीन पर 'प्राइवेट रास्ते' का खेल खत्म: अब ग्रामसभा की मंजूरी बिना नहीं हिलेगी एक ईंट
Haryana Panchayat Land Rules: हरियाणा में पंचायत जमीन पर ‘प्राइवेट रास्ते’ का खेल खत्म: अब ग्रामसभा की मंजूरी बिना नहीं हिलेगी एक ईंट

कई बार देखने को मिलता है की कई बड़ी कंपनी अपने निजी प्रयोग के लिए पंचायत के पीछे की जमीन में कोई प्रोजक्ट लगाकर पंचायत की जमीन से रास्ता ले लेते है। इसके चलते ग्रामीणों से किसी भी प्रकार का कोई सलाह नहीं ली जाती। इसी के चलते अब सरकार द्वारा नया कदम उठाया गया है जिसके चलते अब इस प्रकार से पंचायत की जमीन से रास्ता लेने के लिए तीन-चौथाई सदस्यों और ग्राम सभा के भी दो-तिहाई सदस्यों की लिखित में मंजूरी लेनी आवश्यक होगी।

सरकार के मुताबिक अगर जमीन गांव की है, तो फैसला भी गांव का ही होगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य पंचायतों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाना और भ्रष्टाचार की गुंजाइश को खत्म करना है। Haryana Panchayat Land Rules

जमीन न बिकेगी, न लोन पर दी जाएगी Haryana Panchayat Land Rules

इस नई नीति की सबसे बड़ी खूबी यह है कि पंचायत की जमीन का मालिकाना हक किसी भी सूरत में निजी हाथों में नहीं जाएगा। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि रास्ता देने के नाम पर जमीन न तो बेची जा सकती है और न ही इसे किसी लोन के एवज में गिरवी रखा जा सकता है। जमीन का मालिकाना हक पंचायत के पास ही सुरक्षित रहेगा।

पानीपत की सनौली खुर्द पंचायत ने पेश की मिसाल Haryana Panchayat Land Rules

जमीन के सही इस्तेमाल और सौदेबाजी का एक दिलचस्प उदाहरण पानीपत की सनौली खुर्द ग्राम पंचायत से सामने आया है। यहाँ एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) के निर्माण के लिए ‘लैंड एक्सचेंज’ यानी भूमि विनिमय का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। इसमें पंचायत अपनी 9 कनाल 3 मरला जमीन देने के बदले कंपनी की 15 कनाल जमीन लेने को तैयार है। इस जमीन का बाजार मूल्य करीब 4.57 करोड़ रुपये आंका गया है। यहाँ भविष्य में कंक्रीट टैंक का निर्माण कर गांव की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सकेगा।

हरियाणा सरकार का यह फैसला न केवल पंचायतों को सशक्त करेगा, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगा कि विकास की दौड़ में गांव की सामूहिक संपत्ति का दुरुपयोग न हो। आने वाले समय में अन्य राज्य भी हरियाणा के इस मॉडल को अपना सकते हैं। Haryana Panchayat Land Rules

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