Haryana railway news: त्योहारों को देखते हुए हरियाणा के रेल यात्रियों के लिए रहत की खबर सामने आई है। इस दौरान रेलवे की और से कई नई ट्रैन चली जा रही है इसमें गोमतीनगर लखनऊ से खातीपुरा जयपुर के बीच साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की गई है। यह ट्रैन हरियाणा के रेवाड़ी और कई प्रमुख स्टेशन पार रुकेगी। इस ट्रैन से UP से लेकर हरियाणा और राजस्थान के बीच का सफर आसान होगा।
क्या है पूरी योजना Haryana railway news

त्योहारों के समय नई ट्रैन चलने के लिए उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार ट्रेन संख्या 05023 गोमतीनगर से हर मंगलवार रात 11.55 बजे रवाना होगी और अगले दिन शाम लगभग 5.30 बजे खातीपुरा पहुंचेगी। वही वापसी में ट्रेन संख्या 05024 हर बुधवार शाम 6.50 बजे खातीपुरा से चलेगी और अगले दिन सुबह 11.45 बजे गोमतीनगर पहुंचेगी। रेलवे का कहना है कि यह व्यवस्था फिलहाल त्योहारों की अतिरिक्त भीड़ को संभालने के लिए की गई है। Haryana railway news
इन स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन
यह स्पेशल ट्रेन दोनों इन मुख्य स्टेशनों पर ठहरेगी इसमें बादशाहनगर, डालीगंज, सीतापुर, बरेली, मुरादाबाद, गाजियाबाद, दिल्ली, दिल्ली कैंट, गुरुग्राम, रेवाड़ी, अलवर, बांदीकुई अदि शामिल है। इन ठहरावों से खासकर रेवाड़ी और गुरुग्राम जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
यात्रियों को क्या फायदा
होली के दौरान उत्तर प्रदेश और राजस्थान से बड़ी संख्या में लोग हरियाणा और दिल्ली एनसीआर आते जाते हैं। सामान्य दिनों में ट्रेनों में वेटिंग लंबी हो जाती है और कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो जाता है। जानकरों के मुताबिक होली के समय यात्रियों में करीब 20 प्रतिशत से भी ज्यादा की वृद्धि होती है जिसके चलते ट्रेन शुरू की जा रही है
इस ट्रेन में कुल 21 कोच होंगे जिनमें 1 फर्स्ट एसी, और 4 थर्ड एसी, के अलावा 11 स्लीपर और 4 जनरल, 1 गार्ड कोच होगा। यह संरचना लंबी दूरी के यात्रियों को किफायती और आरामदायक विकल्प देती है। Haryana railway news
क्यों जरूरी है यह फैसला
पिछले कुछ वर्षों में त्योहारों पर अतिरिक्त ट्रेनों की मांग लगातार बढ़ी है। उत्तर पश्चिम रेलवे और उत्तर रेलवे जोन समय समय पर विशेष गाड़ियां चलाते रहे हैं। परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक शहरों में काम करने वाले प्रवासी श्रमिकों के लिए सीधी ट्रेन सुविधा सामाजिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण है। इससे सड़क यातायात पर दबाव भी कम होता है।

