Haryana Ration Card: हरियाणा में लाखों राशन कार्ड धारकों के लिए काफी राहत की खबर सामने आ रही है जिसके चलते सरकार की और से राशन वितरण प्रणली में बदलाव किये जा रहे है। अब इस नै PDS प्रणाली के तहत अप्रैल और मई का राशन एक साथ मिल सकता है। जिसके चलते अब राशन डिपो पर गेहू की सप्लाई भेजनी शुरू कर दी गई है। Haryana Ration Card
सरकार की और से यह फैसला गेहू की नई फसल के आने के चलते किया गया है। क्योंकि मंडियों में गेहू की सरकारी खरीद शुरू हो चुकी है। जिसके चलते पुराने स्टॉक को खत्म करने की प्रक्रिया की जा रही है।
दो बार बायोमेट्रिक सत्यापन होगा Haryana Ration Card

राशन वितरण की इस प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विभाग ने सख्त गाइडलाइन जारी की है। फतेहाबाद और अन्य जिलों के खाद्य आपूर्ति अधिली में कारियों के अनुसार, कार्ड धारकों को दो महीने का राशन लेने के लिए पीओएस मशीन पर दो बार अपना अंगूठा (बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन) लगाना होगा। अधिकारियों ने लाभार्थियों से अपील की है कि वे डिपो पर जाते समय दो महीने के कोटे के हिसाब से बड़े थैले साथ लेकर आएं। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या शिकायत के लिए विभाग ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है, ताकि पात्र लोगों को उनके हक का पूरा अनाज मिल सके।
चीनी और सरसों तेल के लिए करना होगा इंतजार
भले ही गेहूं दो महीने का एक साथ मिल रहा हो, लेकिन सरसों तेल और चीनी के वितरण में यह नियम लागू नहीं होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि तेल और चीनी का कोटा फिलहाल अप्रैल और मई के लिए एक-एक महीने के हिसाब से ही दिया जाएगा। अंत्योदय अन्न योजना के तहत प्रति कार्ड 35 किलो गेहूं दिया जा रहा है, जबकि बीपीएल (BPL) परिवारों को प्रति यूनिट 5 किलो के हिसाब से दो महीने का कुल 10 किलो गेहूं एकमुश्त मिलेगा। Haryana Ration Card
गोदाम खाली करने की मजबूरी या रणनीति Haryana Ration Card
इस फैसले के पीछे का असली गणित स्टोरेज मैनेजमेंट से जुड़ा है। हरियाणा में रबी सीजन की बंपर पैदावार की उम्मीद है और सरकार बड़े पैमाने पर गेहूं की खरीद करने जा रही है। भारतीय खाद्य निगम की और से और राज्य की अन्य एजेंसियों के गोदाम फिलहाल पिछले स्टॉक से भरे हुए हैं।
नई फसल को भीगने से बचाने और सुरक्षित वैज्ञानिक भंडारण सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने तेजी से स्टॉक निकालने की रणनीति अपनाई है। इससे न केवल गोदामों में जगह बनेगी, बल्कि लाभार्थियों को भी बार-बार डिपो के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

