Haryana news : इसी साल अप्रैल माह में होने वाले शहरी निकाय चुनाव की तैयारियों के साथ ही लोगों को राहत प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं। गांवों की तरह शहरी क्षेत्रों में नगर निकायों की भूमि पर अतिक्रमित रिहायशी कब्जाधारियों को कानूनी मालिकाना हक प्रदान करने के लिए राज्य सरकार जल्दी ही एक नीति अधिसूचित करेगी।
बता दें कि शहरों में 41 लाख 70 हजार 749 संपत्तियां ऐसी हैं, जिन पर संपत्ति कर और ब्याज बकाया है। राज्य सरकार ने 31 मार्च 2025 तक के बकाया ब्याज पर शत प्रतिशत छूट देने का निर्णय लिया है। हरियाणा की सभी आवासीय संपत्तियों पर एक रुपये प्रति किलो लीटर की दर से पानी का शुल्क लिया जाता है।
Haryana news : 500 वर्ग गज के मीटर्ड आवासीय संपत्तियों को 10 किलो लीटर प्रति माह फ्री पानी
राज्य सरकार ने फैसला किया है कि अब 500 वर्ग गज तक के मीटर्ड आवासीय संपत्तियों को 10 किलो लीटर प्रति माह तक निशुल्क जल उपलब्ध कराया जाएगा। इससे लगभग 23 लाख घरों को 98 करोड़ रुपये प्रति वर्ष का लाभ मिलेगा। शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल के प्रस्तावों और लोगों के सुझाव पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट में यह प्रस्ताव रखे हैं। पानी व सीवर के बिलों पर लगभग 140 करोड़ रुपये का सरचार्ज बकाया है। साल 2026-27 में इस समस्त सरचार्ज को माफ कर दिया गया है।
वर्तमान में नगर निकायों के पास अपना कोई विशिष्ट स्वर्ग रोहिनी वाहन उपलब्ध नहीं है। राज्य के सभी 87 शहरी निकायों में 145 स्वर्ग रोहिनी वाहन उपलब्ध कराने का निर्णय सरकार ने लिया है। हिसार, यमुनानगर, रोहतक, पानीपत और अंबाला में इंटीग्रेटिड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित होंगे। नगर निगम हिसार में यह कार्य 30 सितंवर 2026 तक आवंटित करने की योजना है तथा वाकी शहरों में यह काम 31 जनवरी 2027 तक आवंटित किया जाएगा।
Haryana news : पार्क, ग्रीन बेल्ट के लिए 100 करोड़ का फंड मिलेगा
सभी शहरों के सभी पार्कों, ग्रीन बेल्ट तथा मुख्य सड़कों के किनारों पर बड़े स्तर परप पौधारोपण होगा, जिसके लिए 100 करोड़ रुपये का अर्बन ग्रीन फंड स्थापित होगा। शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल के अनुसार फरीदाबाद, गुरुग्राम, मानेसर तथा जींद-हिसार-फतेहाबाद कलस्टर एवं अंबाला पंचकूला यमुनानगर कलस्टर में 25 मेगावाट क्षमता के पांच वेस्ट टू एनर्जी (कचरे से बिजली बनाने के प्लांट) स्थापित किए जाएंगे।
वर्तमान में शहरी निकाय विभाग में CLU (चेंज आफ लैंड यूज) के मामलों में ईडीसी लगाने की प्रक्रिया नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग से ज्यादा कठित है। सरकार ने निर्णय लिया है कि इस प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा।

