Haryana School Free Books: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को नई सौगात, मिलेगी फ्री किताबें

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Haryana School Free Books: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को नई सौगात मिली है जिसके चलते अब नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले ही शिक्षा विभाग ने किताबों के लिए पुख्ता इंतेज़ाम किये है। जिसके चलते इस साल भी पहली कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक के बच्चों को फ्री में किताबें बाटने का फैसला किया गया है। इस बड़े कदम के लिए करीब 45.05 करोड़ रुपये की राशि को मंजूरी दी गई है। Haryana School Free Books

जिसके चलते अब गरीब वर्ग के जो बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़तें है उन्हे इस योजना से बड़ा फायदा मिलेगा। जो बच्चे महंगी निजी शिक्षा प्राप्त नहीं कर सकतें उनसे अब किताबों का भी आर्थिक बोझ हटाया जाएगा।

शिक्षा मंत्री खुद कर रहे हैं निगरानी Haryana School Free Books

Haryana School Free Books: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को नई सौगात, मिलेगी फ्री किताबें

इस नई व्यवस्था के लिए शिक्षा मंत्री खुद इसकी निगरानी कर रहे है ताकि समय पर बस्ता तैयार हो सकें। 29 दिसंबर 2025 को हुई बैठक में ही किताबों के मुद्रण के कार्य के बारे में फाइनल कर दिया गया था। जिसके चलते 8 जनवरी को ही सबंधित विभाग को दस्तावेज दे दिए गए थे। मंत्री के कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, इस बार 15 अप्रैल तय किया गया है। जिससे पहले हर हाल में हर बच्चे के हाथ में किताबें होनी चाहिए।

अंबाला से चरखी दादरी तक पहुँचा स्टॉक

जानकारी के मुताबिक शिक्षा मंत्री के मार्गदर्शन में किताबों की सप्लाई हर जिले में होनी शुरू हो गई है जिसके चलते अब अंबाला, हिसार, कुरुक्षेत्र, पानीपत, पलवल, भिवानी और चरखी दादरी जैसे जिलों के गोदामों में पहली से आठवीं की किताबें पहुँच चुकी हैं। Haryana School Free Books

विभाग का अगला लक्ष्य इन किताबों को ब्लॉक स्तर से सीधे स्कूलों तक पहुँचाना है। शिक्षा मंत्री का कार्यालय और विभाग के आला अधिकारी हर दिन इस बात का डेटा चेक कर रहे हैं कि किस जिले में कितनी सप्लाई पेंडिंग है, ताकि बच्चों की पढ़ाई में एक दिन का भी खलल न पड़े।

गुणवत्ता और पारदर्शिता पर विशेष जोर Haryana School Free Books

इस बार किताबों की छपाई की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। चयनित फर्मों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित मानकों के अनुरूप ही कागज और छपाई का इस्तेमाल करें। मुफ्त किताबों के इस वितरण अभियान से न केवल ड्रॉप-आउट दर में कमी आने की उम्मीद है, बल्कि सरकारी स्कूलों के प्रति अभिभावकों का भरोसा भी बढ़ेगा। विभाग का मानना है कि समय पर किताबें मिलने से शिक्षक भी अपना सिलेबस समय पर शुरू कर पाएंगे।

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