Haryana Weather: हरियाणा में अप्रैल महीने की शुरआत तो बारिश और ठंड के साथ ही हुई थी लेकिन अब गर्मी का समय आ गया है हालांकि पहले मार्च में भी गर्मी का थोड़ा रुख देखने को मिला था लेकिन बादलों के कारण सूरज की तपिश धरती तक नहीं पहुंच सकी जिसके चलते अब अप्रैल से गर्मी शुरू होने जा रही है।
मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक अब हरियाणा में 15 अप्रैल से गर्मी का आलम देखने को मिलेगा। खासकर राज्य के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में सूरज की तपिश लू की तरह होगी। Haryana Weather
तापमान में 5 डिग्री तक उछाल होने की संभावना Haryana Weather

मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक अगले सप्ताह में किसी भी नए पश्चिमी विक्षोभ के शुरू होने की उम्मीद नहीं है जिसके चलते आसमान बिलकुल साफ रहेगा और सूरज की किरणे सीधा धरती पर आने से कहा जा रहा है कि तापमान में करीब 3 से 5 डिग्री तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। Haryana Weather
वर्तमान में, दिन का तापमान सामान्य से थोड़ा नीचे बना हुआ है, लेकिन गर्म पश्चिमी हवाओं ने हवा में नमी सोखना शुरू कर दिया है। हवा की रफ्तार 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की उम्मीद है, जो दोपहर के वक्त चेहरे पर चुभन पैदा कर सकती है।
सर्द-गर्म का सेहत पर असर
अभी स्थिति यह है कि दिन और रात के तापमान में 18 से 20 डिग्री का बड़ा अंतर बना हुआ है। जहां दोपहर में पसीने छूट रहे हैं, वहीं अल सुबह और देर रात हल्की सिहरन महसूस होती है। मौसम का यही मिजाज सेहत के लिए नुकसानदायक है। अस्पतालों में इन दिनों वायरल बुखार, टाइफायड और सर्दी-जुकाम के मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। डॉक्टरों का कहना है कि शरीर इस अचानक बदलाव को स्वीकार करने में समय ले रहा है, जिससे इम्युनिटी कमजोर हो रही है।
कहां कितनी रही तपिश? (बीते 24 घंटे का हाल)
रविवार को राज्य का सबसे गर्म इलाका रोहतक रहा, जहां पारा 35.3 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा। वहीं, करनाल में सबसे कम 15.4 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
रोहतक में न्यूनतम तापमान 19.2 है जबकि अधिकतम तापमान 35.3 दर्ज किया गया है वही हिसार की बात करें तो यहाँ 16.2 न्यूनतम और 34.9 अधिकतम तापमान है ऐसे ही अंबाला में क्रम: 19.0 और 30.7 है और गुरुग्राम में 20.2, 33.2, सोनीपत में 16.9 , 34.2 तापमान है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार अप्रैल के शुरू में बार-बार आए पश्चिमी विक्षोभों ने गर्मी को रोके रखा था। ओलावृष्टि और ठंडी हवाओं के कारण अब तक अप्रैल ठंडा बना हुआ था। लेकिन अब हवाओं की दिशा उत्तर-पूर्वी से बदलकर पश्चिमी हो गई है। ये शुष्क और गर्म हवाएं राजस्थान की ओर से आ रही हैं, जो सीधे तौर पर तापमान को बढ़ाने का काम करेंगी।

