Haryana Weather: मार्च के महीने में हमेशा ठढ़ जाती है और गर्मी आने लगती है। लेकिन इस बार क़ुदररात के तेवर कुछ अलग ही लग रहे है। फरवरी के लास्ट और मार्च की शुरुआत में तापमान समान्य से अधिक था, लेकिन अब लगातार हो रही हल्की बारिश के कारण तापमान में एकदम से गिरावट देखने को मिली है। जिसके चलते आज भी देश के बड़े हिस्से में बदल छाए हुए है। Haryana Weather
मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक हरियाणा पंजाब और दिल्ली NCR समेत भारत के कई राज्यों में आने वाले 24 घंटे में मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। धूल भरी आधी और तेज चमक और गर्जन के साथ बारिश होने की संभावना है जिससे किसानो और आम जन की चिंताए बढ़ गई है।
क्यों बदला मौसम का रुख? समझिए वैज्ञानिक कारण Haryana Weather

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस वक्त देश के ऊपर एक साथ कई ‘वेदर सिस्टम’ सक्रिय हैं। उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और दक्षिण उत्तर प्रदेश के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। वहीं, एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पंजाब और उसके आसपास के इलाकों को प्रभावित कर रहा है।
इतना ही नहीं, हरियाणा के ऊपर भी एक स्वतंत्र चक्रवाती हवाओं का घेरा विकसित हुआ है। इन तमाम प्रणालियों के आपस में टकराने के कारण मैदानी इलाकों में नमी बढ़ी है और बारिश के हालात पैदा हुए हैं। राहत की बात यह है कि ये गतिविधियां आज शाम से धीरे-धीरे पूर्वी भारत की ओर कूच कर जाएंगी। Haryana Weather
पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में तापमान की गिरावट
पिछले कुछ समय से हिमाचल और उत्तराखंड के कई अच्छे इलाके बर्फ से धक् गए है जिसके चलते जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में हल्की बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के कुछ हिस्सों में चली धूल भरी आंधियों ने विजिबिलिटी कम कर दी, जिसके बाद हुई छिटपुट बारिश ने गर्मी से राहत तो दी, लेकिन रबी की फसलों (विशेषकर गेहूं) के लिए इसे खतरे की घंटी माना जा रहा है। Haryana Weather
अगले 48 घंटों का पूर्वानुमान: कहां होगी बारिश?
मौसम विभाग ने अपनी चेतावनी के मुताबिक उत्तर भारत: हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आज धूल भरी हवाओं के साथ हल्की बारिश हो सकती है। 22 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ दस्तक दे रहा है, जो फिर से पहाड़ों पर हलचल तेज करेगा। पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में आज गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की प्रबल संभावना है। यहां तापमान में 3°C से 5°C तक की भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है।
दक्षिण भारत: कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भी हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है।

