Haryana Weather: सावधान! हरियाणा में अगले 4 दिन भारी, 25 मार्च से फिर शुरू होगा आंधी-बारिश का दौर

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Haryana Weather: हरियाणा में मौसम में पिछले कुछ समय से लगातार उठाव चढ़ाव देखने को मिल रहा है। मार्च की शुरुआत की बात करें तो तापमान में करीब 5 डिग्री बढ़ोतरी थी लेकिन माह से मध्य तक आते आते बारिश का दौर शुर हो गया जिसके चलते मौसम में परिवर्तन हुआ और तापमान में समान्य से अधिक गिरावट देखने को मिले है।

ऐसे ही अब फिर पिछले करीब 24 घंटे के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश हुई जिसके चलते गर्मी से राहत मिली है। जबकि मौसम विभाग की और से आने वाले 4 दिनों के लिए फिर से मौसम चेतावनी जारी की है। Haryana Weather

पहाड़ी क्षेत्रों में सक्रिय हो रहे एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ के कारण मैदानी इलाकों में बारिश होने की संभावना है जिसके चलते हरियाणा में 27 मार्च तक मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

25 और 26 मार्च को दिखेगा सबसे ज्यादा असर Haryana Weather

Haryana Weather: सावधान! हरियाणा में अगले 4 दिन भारी, 25 मार्च से फिर शुरू होगा आंधी-बारिश का दौर

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमानोंकी बात करें तो 23 से 27 मार्च के बीच प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुक कर मौसमी में बदलाव देखने को मिलेगा। हालांकि 24 मार्च को आसमान मुख्य रूप से साफ रहने की उम्मीद है, लेकिन असली बदलाव 25 मार्च की शाम से शुरू होगा। Haryana Weather

26 मार्च को मौसम विभाग ने बी प्रिपेयर्ड येलो अलर्ट जारी किया है। अनुमान है कि इस दौरान प्रदेश के कई जिलों में बादलों की गर्जना के साथ न केवल बारिश होगी, बल्कि 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। यह बदलाव दक्षिण और पश्चिमी हरियाणा के जिलों में अधिक प्रभावी रहने के आसार हैं।

तापमान में गिरावट से मिली चुभती गर्मी से राहत Haryana Weather

बीते सोमवार को हुई बारिश का असर मंगलवार की सुबह साफ तौर पर महसूस किया गया। प्रदेश के अधिकतम तापमान में करीब 5 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे दिन के समय होने वाली बेचैनी कम हुई है। पारे का हाल: फिलहाल प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 2 डिग्री नीचे बना हुआ है। भिवानी में सबसे अधिक 30.7 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया, जबकि हिसार, करनाल और रोहतक जैसे जिलों में पारा 28 से 30 डिग्री के बीच झूल रहा है। Haryana Weather

रातों की स्थिति भले ही न्यूनतम तापमान में करीब 1.9 डिग्री की मामूली बढ़ोतरी हुई हो, लेकिन रातें अभी भी सुखद बनी हुई हैं। भिवानी में ही सबसे कम न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मार्च के अंत के हिसाब से काफी राहत भरा है।

खेती और आम जनजीवन पर प्रभाव

मौसम में आने वाला यह बदलाव किसानों के लिए मिश्रित संकेत लेकर आया है। कटाई की कगार पर खड़ी फसलों के लिए तेज हवाओं के साथ होने वाली बारिश नुकसानदेह साबित हो सकती है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ओलावृष्टि होती है, तो दाने की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है। वहीं, आम शहरी आबादी के लिए यह गिरता पारा एसी और कूलर चलाने की जरूरत को कुछ और दिनों के लिए टाल रहा है।

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