Haryana Weather today 4 April : हरियाणा में मार्च के अंत और अप्रैल की शुरुआत से लेकर मौसम का मिजाज एकदम से बदल गया है जिसके चलते तेज धुप से तो राहत मिली है लेकिन लगातार चल रही बारिश ने किसानो का हाल बेहाल कर दिया है। जिसके चलते अब एक और ताकतवर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पुरे प्रदेश में एकदम से मौसम में बदलाव आ गया है।
बता दें कि शुक्रवार को हरियाणा के 17 जिलों में बारिश हुई है। जिसके चलते कई इलाकों में ओलावृष्टि होने से तापमान में भी गिरावट देखने को मिली है। इससे फसलों को भी भरी नुकसान हुआ है। इसी के चलते भारतीय मौसम विभ्हाग IMD ने भी मौसम के लिए आज शनिवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
4 april Haryana Weather : आज का मौसम कैसा रहेगा
हरियाणा में आज का मौसम कैसा रहेगा, इसकी बात करें तो आज दक्षिण और पूर्वी हिस्सों गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, नूंह (मेवात), महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी में ऑरेंज अलर्ट जारी किया। यहां तेज आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। वहीं हिसार, भिवानी, रोहतक, सोनीपत, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, यमुनानगर समेत बाकी जिलों में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।

इससे पहले शुक्रवार का दिन हरियाणा के लिए काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। सुबह बादलों की आवाजाही के बीच धूप निकली, लेकिन दोपहर होते-होते आसमान काला पड़ गया और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। जिसके चलते सिरसा, हिसार, फतेहाबाद, जींद, कैथल, भिवानी और करनाल सहित कुल 17 जिलों में बूंदाबांदी और मध्यम दर्जे की वर्षा दर्ज की गई। सबसे ज्यादा नुकसान ओलावृष्टि से हुआ है। सिरसा, पानीपत, नूंह, झज्जर और रेवाड़ी में चने के आकार के ओले गिरे, जिससे गेहूं और सरसों की फसलों को नुकसान पहुंचने की खबरें हैं।
Haryana Weather :मौसम का यू-टर्न फरवरी जैसी ठंड
मौसम विशेषज्ञों की मानें तो यह तो बस शुरुआत है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय और मौसम विभाग के अनुसार, अभी एक के बाद एक दो पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाले हैं। जिससे तापमान में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई हिसार में शुक्रवार को अधिकतम तापमान लुढ़ककर 30.9 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जो सामान्य से करीब 4 डिग्री कम है। महज 24 घंटे के भीतर दिन के पारे में 5 डिग्री से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है।
Haryana Weather 7 अप्रैल से फिर बिगड़ेगा मिजाज
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, शनिवार को जारी रहने वाली इस हलचल के बाद 7 अप्रैल को एक और तगड़ा पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देगा। इसका असर 9 अप्रैल तक रहेगा। पहाड़ों पर होने वाली भारी बर्फबारी का सीधा असर हरियाणा के मैदानी इलाकों पर पड़ेगा, जिससे तापमान इतना गिर सकता है कि लोगों को एक बार फिर फरवरी जैसी ठंड का अहसास होने लगेगा।
मार्च के अंत और अप्रैल की शुरुआत का समय किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। गेहूं की फसल कटाई के करीब है ऐसे में बारिश और ओलावृष्टि फसल को बिछा देती है। जिससे दाना काला पड़ने या झड़ने का डर रहता है। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे फिलहाल सिंचाई रोक दें और कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें।

