Hydrogen Train update : देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के ट्रैक पर दौड़ने का इंतजार लंबा होता जा रहा है। पहले सर्दी, उसके बाद हाइड्रोजन गैस में नमी और अब हाइड्रोजन प्लांट के कंप्रेशर में तकनीकी कमी आ गई है। यह चलते-चलते बंद हो रहा है। इसकी जांच के लिए तकनीशियन को बुलाया जाएगा।
बता दें कि हाइड्रोजन ट्रेन का इंजन भंभेवा से मंगलवार को जींद जंक्शन पहुंचा था। बुधवार को इस इंजन को हाइड्रोजन प्लांट में खड़े कोच के साथ जोड़ा गया। छह दिन तक भंभेवा स्टेशन तक चली इंजन की टेस्टिंग संतोषजनक बताई जा रही है। इंजन में ब्रेकिंग सिस्टम, तकनीकी क्षमता और सुरक्षा मानकों की छह दिन तक भंभेवा में बारीकी से जांच की गई है। वहीं बताया जा रहा है कि हाइड्रोजन प्लांट में लगे कंप्रेशर में तकनीकी खामी आ रही है।

Hydrogen Train : कंप्रेशर ठीक होने के बाद शुरू होगा गैस का निर्माण
प्लांट का कंप्रेशर चलता-चलता बंद हो रहा है। इसकी जांच के लिए टेक्नीशियन को बुलाया गया है। वह चेन्नई से पहुंची मेधा कंपनी की टीम के साथ कंप्रेशर में आ रही कमी को देखेगा। कंप्रेशर ठीक होने के बाद प्लांट में हाइड्रोजन तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। पिछले माह ठंड की वजह से प्लांट में हाइड्रोजन गैस में नमी बढ़ गई थी। जिसके सैंपल जांच के लिए गुरुग्राम सहित अन्य स्थानों पर लैब में भेजे गए थे।
वहीं इंजन में भरी गई गैस को वापस निकाला गया था। उसके बाद बाहर से हाइड्रोजन गैस मंगवा कर ट्रेन के इंजन में भरी गई थी। फिर 29 जनवरी को इंजन को स्टेशनरी ट्रायल के लिए भंभेवा स्टेशन पर ले जाया गया था। जींद- सोनीपत के बीच चलने वाली इस हाइड्रोजन ट्रेन के ट्रायल को लेकर अभी कोई डेट तय नहीं हुई है। फरवरी के पहले पखवाड़े में ट्रायल की उम्मीद जताई जा रही है।
Hydrogen Train fare list : जींद से सोनीपत हाइड्रोजन ट्रेन किराया
हाइड्रोजन ट्रेन में जींद रेलवे जंक्शन से शुरू होकर जींद सिटी जंक्शन तक का किराया 5 रुपए, पिंडारा रेलवे जंक्शन के पांच रुपए, भंभेवा के 10 रुपए, गोहाना के 15 रुपए, मोहाना के 20 रुपए और सोनीपत तक 25 रुपए किराया (Hydrogen Train fare list) निर्धारित किया गया है। हाइड्रोजन गैस से चलने वाली इस ट्रेन से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा बल्कि आम यात्रियों को भी किफायती, तेज और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा। इससे सड़क मार्ग पर वाहनों का दबाव भी कम होगा। नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और व्यापारियों के लिए यह ट्रेन बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।
देश में सबसे बड़ा हाइड्रोजन प्लांट (India First Hydrogen Train)
- देश में सबसे बड़े हाइड्रोजन प्लांट को जींद में स्थापित किया गया है। इस प्लांट की 3000 किग्रा की भंडारण क्षमता है।
- प्लांट का संचालन 24 घंटे होगा, इसलिए निर्बाध बिजली की आपूर्ति जरुरत रूप से रहेगी।
- डीएचबीवीएन के अधिकारियों ने मुख्य सचिव को आश्वासन दिया कि हाइड्रोजन प्लांट पर स्थिर रूप से विद्युत आपूर्ति की जा रही है।
- भविष्य में जरुरतों के अनुसार अतिरिक्त निगरानी और त्वरित रखरखाव की भी व्यवस्था की जाएगी।
- मीटिंग में बताया कि उत्तर रेलवे ने भी प्लांट को हो रही विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता पर भरोसा जताया है।

