hydrogen train India: भारत में पहली हाइड्रोजन ट्रैन चलने का समय अब नजदीक आ गया है। इसी के चलते हरियाणा के जींद से सोनीपत के रेल मार्ग पर इस ट्रैन को अब ट्रायल के तौर पर चलने की तैयारी पूरी हो चुकी है। रेलवे अधिकारीयों के मुताबिक अब जल्द ही हरियाणा में इस सप्ताह में यह ट्रैन दो से तीन फेरे जींद से सोनीपत के रूट पर लेगी। इसे अभी तकनीकी ख़मियों को देखने के लिए रखा गया है।
यह योजना इस लिए भी काफी अहम क्योंकि यह पुराने डीजल इंजन की तुलना में ज्यादा पर्यावरण के अनुकूल है। जिसके चलते इस ट्रैन को भविष्य में ग्रीन ट्रासंपोर्ट का रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
पहले भी हो चुके हैं कई तकनीकी परीक्षण Hydrogen train India

जानकारी के लिए बता दें कि अब से पहले भी इसके लिए कई ट्रायल हो चुके है RDSO की टीम इन ट्रायल के लिए लखनऊ से हरियाणा पहुंची है। जिसके चलते फरवरी के अंत में रिग ट्रायल किये गए थे।
ट्रायल के दौरान प्रक्रिया कुछ इस प्रकार रही Hydrogen train India
इन ट्रायल के चलते पहले ट्रेन को पांडू पिंडारा स्टेशन तक डीजल इंजन की सहायता से ले जाया गया जिसके बाद पांडू पिंडारा से ललित खेड़ा के बीच हाइड्रोजन इंजन के साथ परीक्षण किया गया जिसके चलते ट्रैन की रफ़्तार करीब 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दो बार चलाया गया। जिसके चलते इंजीनियरों ने इंजन की शक्ति, ऊर्जा खपत, ब्रेकिंग सिस्टम और सुरक्षा मानकों का मूल्यांकन किया।
मेंटेनेंस के बाद फिर लौटी जींद Hydrogen train India
इस ट्रायल के बाद से ट्रैन को निरिक्षण के लिए शकूरबस्ती रेलवे वर्कशॉप भेजा गया। जिसमे सुधर करने के बाद इसे फिर से जींद लेकर आया गया। इसके बाद अधकारियों ने कहा कि अब जींद से सोनीपत के बीच इस ट्रैन के नियमित ट्रायल चले जाएगें। जिससे संचालन से जुडी सभी तकनीकों की जाँच करने के बाद ठीक करके चलाया जाएगा।
हाइड्रोजन ट्रेन क्यों मानी जा रही है बड़ी पहल
भारत का रेल नेटवर्क नेटवर्क दुनिया का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। जिसके चलते काफी संख्या में डीजल और बिजली से चलने वाले इंजन चलाए जाते है। लेकिन हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रैन के कई फायदें है जिसके चलते यह बड़ी पहल के रूप में मानी जा रही है। संचालन के दौरान कार्बन उत्सर्जन लगभग शून्य होता है और केवल पानी और भाप उत्सर्जन के रूप में निकलते हैं जिसके चलते डीजल की तुलना में शोर और प्रदूषण कम होता है और ऊर्जा दक्षता बेहतर मानी जाती है।

