IAS Success story : हौसलों में उड़ान हो तो आसमान को भी छुआ जा सकता है। इसी बात को साबित किया है, गांव सुदकैन कलां व हाल आबाद नरवाना के हरिनगर कालोनी निवासी 23 वर्षीय स्वाति आर्या ने। स्वाति आर्या ने संघ लोक सेवा आयोग (upsc) द्वारा घोषित परिणाम में 366वां रैंक हासिल कर परिवार के साथ नरवाना का नाम रोशन किया है। स्वाति आर्या के यह मुकाम हासिल करने पर उनके घर बधाई देने वालों का तांता लग गया।
घर पर ही रहकर की बेसिक तैयारी (IAS Success story)
नरवाना खाप के प्रवक्ता किताब सिंह मोर ने बेटी स्वाति आर्या को सम्मानित कर हौंसला अफजाई की। स्वाति आर्या ने बताया कि उसने यूपीएससी की तैयारी वर्ष 2023 में शुरू कर दी थी। जब वह कालेज में थी तो कालेज समय के बाद वह यह जानने का प्रयास करती थी कि यूपीएससी के पेपर कैसे आते हैं। उसने बताया कि स्नातक करने के बाद वह घर पर ही रहकर बेसिक तैयारी कर रही थी।

दूसरे प्रयास में 366वां रैंक किया हासिल (IAS Success story)
उसने वर्ष 2024 में उसका प्री क्लीयर हो गया था, लेकिन मैन परीक्षा में रह गई थी। वर्ष 2025 में उसने दूसरे प्रयास में 366वां रैंक हासिल कर लिया। उसने बताया कि वह इंटरनेट मीडिया पसंद नहीं करती थी। वह केवल संगीत, कामेडी व महत्वपूर्ण जानकारी हासिल करने के लिए उसे इस्तेमाल करती थी। उसने कहा कि अपना उद्देश्य रखो, अपना भरसक प्रयास करो, ऐसे मौके बार-बार नहीं मिलते।
स्वाति 12-13 घंटे पढ़ाई करती थी (IAS Success story)
स्वाति आर्या की माता राजरानी, जो पेशे से कला अध्यापिका है। उसने खुशी में भावुक होकर कहा कि वह सुबह खाना बनाकर चली जाती थी, लेकिन स्वाति 12-13 घंटे पढ़ाई करती रहती थी। उन्होंने कहा कि लड़की के विचार अच्छे होने चाहिए और पढ़-लिखकर अपने माता-पिता का नाम रोशन करो। स्वाति के पिता दिलबाग शास्त्री ने कहा कि स्वाति के अथक मेहनत ने उसकी यूपीएससी की तैयारी को पहले ही आसान कर दिया था।

उसको पारिवारिक माहौल अच्छा मिला था। इसका फायदा उसको यूपीएससी में चयन होने का मिला। उन्होंने कहा कि लोग सोचते हैं कि मंहगी कोचिंग होनी चाहिए, लेकिन स्वाति ने घर पर ही रहकर तैयारी की है। आप अतिरिक्त प्रयास करोगे तो सफलता आपके कदम चूमेगी।
दिल्ली यूनिवर्सिटी टाप कर चुकी है स्वाति आर्या (IAS Success story)
स्वाति आर्या के पिता दिलबाग शास्त्री ने बताया कि जब वह दिल्ली में हंसराज कालेज में वनस्पति विज्ञान में बीएससी कर रही थी तो उसने बीएससी में प्रथम स्थान हासिल किया था, लेकिन यह बात उसने 10-15 दिन उनको बताई, तो उन्होंने कहा कि यह बात अब बता रही हो।
स्वाति ने कहा कि उसकी कुछ और उम्मीद है। जब उसने बीएससी पूरी की तो तीन वर्षों के परीक्षा परिणाम जारी हुआ तो उसने दिल्ली यूनिवर्सिटी टाप की थी। स्वाति ने कहा था कि वह इस दिन के इंतजार में थी। उनको लगने लग गया था, वह अवश्य कुछ करेगी। वहीं उसकी बहन शिवानी ने एमए अर्थशास्त्र में की है तो नेट की तैयारी कर रही है। भाई ध्रुव बीए द्वितीय वर्ष में है।

