Jind Civil Hospital : नागरिक अस्पताल में औसतन 1900 की ओपीडी होती है। यहां पर सबसे ज्यादा समस्या अल्ट्रासाउंड को लेकर आ रही है। अस्पताल में रेडियोलाजिस्ट नहीं हाेने के कारण अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे हैं। इसके अलावा हृदय रोग से संबंधित न तो कोई चिकित्सक है और न ही कोई जांच की सुविधा। नागरिक अस्पताल को आज तक स्किन स्पेशलिस्ट भी नहीं मिला है। इसके अलावा मनोरोग विभाग की दवाइयों की अस्पताल में कमी है। वहीं जिले में 226 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं। इस समय जिले में 126 चिकित्सक काम कर रहे हैं।
अस्पताल में सबसे बड़ी समस्या अल्ट्रासाउंड मशीन को लेकर (Jind Civil Hospital)
नागरिक अस्पताल में मरीजों की लंबी लाइन लगती है। यहां औसतन 1900 की ओपीडी होती है। अस्पताल में 55 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं। वहीं यहां पर 35 चिकित्सक कार्यरत हैं। अस्पताल में सबसे बड़ी समस्या अल्ट्रासाउंड को लेकर आ रही है। यहां पर अल्ट्रासाउंड के लिए दो मशीन हैं लेकिन रेडियोलाजिस्ट नहीं होने के कारण अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे हैं। पिछले दो महीने से यह मशीन धूल फांक रही हैं। छह महीने पहले डेपुटेशन पर यहां रेडियोलाजिस्ट की ड्यूटी लगी थी। अब उनकी डेपुटेशन खत्म हो चुकी है। इसके अलावा पिछले दस साल में केवल चार महीने ही यहां अल्ट्रासाउंड हो सके।
हृदय रोग जांच की नहीं सुविधा (Jind Civil Hospital)
नागरिक अस्पताल में हृदय रोग जांच के नाम पर यहां केवल ईसीजी की जाती है। इसके अलावा हृदय रोग जांच की यहां कोई सुविधा नहीं है। आज तक अस्पताल को हृदय रोग के विशेषज्ञ की सेवाएं भी नहीं मिली हैं। हृदय से संबंधित बीमारियों के लिए लोगों को या तो निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है या फिर रोहतक पीजीआई या अग्रोहा जाना पड़ता है। ऐसे में मरीजों को काफी परेशानियां होती हैं।

मनोरोग से संबंधित दवाइयों की कमी (Jind Civil Hospital)
नागरिक अस्पताल में डा. संकल्प मनोरोग विभाग संभाल रहे हैं। प्रतिदिन उनकी ओपीडी में 250 के आसपास मरीज आते हैं। जब से डा. संकल्प की नियुक्ति यहां हुई है, मनोरोग विभाग में ओपीडी बढ़ती जा रही है। मनोराेगियों की यहां काउंसलिंग की व्यवस्था भी है। कई बार मनोरोग से संबंधित दवाइयां यहां उपलब्ध नहीं होती। ऐसे में अन्य साल्ट की दवाइयां देकर काम चलाया जाता है। इसके अलावा कई बार महत्वपूर्ण दवाइयां भी नहीं मिलती है। ऐसे में उसी साल्ट की दूसरी दवाइयां दी जाती हैं।
चिकित्सकों की कमी भी मरीजों पर भारी (Jind Civil Hospital)
पूरे जिले की बात करें तो यहां पर 226 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं। वहीं पूरे जिले में 126 चिकित्सक ही काम कर रहे हैं। नागरिक अस्पताल में ही 20 चिकित्सकों के पद खाली पड़े हैं। इसके अलावा पीएससी से लेकर सीएचसी तक काफी चिकित्सकों के पद खाली पड़े हैं। नागरिक अस्पताल सफीदों, उचाना, जुलाना व नरवाना में भी कई चिकित्सकों के पद खाली पड़े हैं। स्वास्थ्य विभाग कई बार चिकित्सकों की डेपुटेशन इधर से उधर लगाकर काम चलाता है। ऐसे में चिकित्सकों की कमी के कारण मरीज भी परेशान होते हैं।
तीन महीने से नहीं मिल रही दवा (Jind Civil Hospital)
पिछले तीन महीने से नागरिक अस्पताल के चक्कर काट रहा हूं, लेकिन दवा नहीं मिल रही है। गदूद की समस्या है। गांव से लोग मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल आते हैं, ताकि उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सके। वहीं मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल में कभी दवा तो कभी चिकित्सक नहीं मिलते। नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों की भी कमी है। लंबे समय से अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ भी नहीं है।
–रघुबीर, असरफगढ़ निवासी

कंधे में है दर्द, नहीं मिली सभी दवाई (Jind Civil Hospital)
कंधे में दर्द है, जिसकी दवा लेने के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचा था। चिकित्सक ने 15 दिन के लिए चार तरह की गोलियां लिखी थी, जिसमें से एक दवा नहीं मिली, जो बाहर से लेनी पड़ेगी। नागरिक अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में दवाइयां नहीं रहती। कभी बुखार, कभी पेन किलर, कभी आंखों की तो कभी अन्य तरह की दवाइयां खत्म हो जाती है। मरीजों की सुविधा के लिए चाहिए कि नागरिक अस्पताल में सभी दवाइयां यहीं मिल सकें।
–जयदीप, सिंधवी खेड़ा निवासी
सामाजिक संस्थाएं भी निभा रही फर्ज (Jind Civil Hospital)
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान के लिए सामाजिक संस्थाएं भी आगे आती हैं। सृष्टि फाउंडेशन समय-समय पर निशुल्क जांच शिविर लगाती है। इसके अलावा यह संस्था लोगों को आंख दान करने के लिए भी प्रेरित करती है। अब तक संस्था 400 लोगों की आंख दान करवा चुकी है। संस्था के पदाधिकारी स्वयं चिकित्सक को लेकर लोगों के पास जाते हैं और उनके स्वजनों की आंख लेकर अन्य लोगों को रोशनी देने का काम करते हैं। संस्था के संयोजक डा. विवेक सिंगला कहते हैं, उनके पास लोग स्वयं भी आंख दान करने के लिए आवेदन करने आते हैं। सूचना मिलने के बाद लोगों के घर जाकर आंख लेकर आते हैं। उस आंख को तुरंत मरीजों को लगवाया जाता है। इसके अलावा लोगों को अंगदान के लिए भी प्रेरित किया जाता है। आजकल लोग अंगदान के लिए भी आगे आ रहे हैं।
वरिष्ठ नागरिक फाेर्म लगा रही हृदय जांच शिविर (Jind Civil Hospital)
वरिष्ठ नागरिक फाेर्म भी स्वास्थ्य के लिए अपना योगदान दे रही है। संस्था समय-समय पर हृदय जांच शिविर लगाती है। इसके लिए दिल्ली से चिकित्सक बुलाकर लोगों की जांच करवाई जाती है। संस्था के संरक्षक डीके भारद्वाज ने बताया कि अब तक वह 400 से अधिक शिविर लगा चुके हैं। इन शिविरों में लोगों के हृदय संबंधी जांच करवाई जाती है। इसके अलावा यदि कोई जरूरतमंद हो तो उसका इलाज भी निशुल्क करवाया जाता है। खासकर वरिष्ठ नागरिकों को समय-समय पर परामर्श दिया जाता है ताकि वह स्वस्थ रह सकें।
नो प्राफिट नो लास पर सेवा कर रही जाट धर्मार्थ सभा (Jind Civil Hospital)
जींद की जाट धर्मशाला की संचालन समिति जाट धर्मार्थ सभा ने धर्मशाला में डा. लाल पैथ लैब खोली हुई है। इसमें अनेक प्रकार की जांच की जाती है। यहां लोगों से केवल इतना ही शुल्क लिया जाता है, जितने पैसे में संस्था यह लैब चला रही है। यहां प्रतिदिन 100 के आसपास टैस्ट होते हैं। इसके अलावा गरीब लाेगों के लिए यहां यह सुविधा मुफ्त भी उपलब्ध है। इसके लिए कुछ प्रक्रिया होती है।

