Kanwar Yatra: 5 फरवरी से कावड़ यात्रा शुरू होने जा रही है जिसके चलते प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षित के लिए ट्रैफिक डायवर्ट 5 फरवरी से ही शुरू कर दिया है। जिसके चलते 15 फरवरी तक भरी वाहनों की एंट्री पूरी तरह से शहरों में रोक दी जाएगी। ट्रैफिक डायवर्जन मुख्यता शिवरात्रि में होने वाली भीड़ के चलते किया गया है ताकि पैदल चलने वाली भीड़ को किसी मुश्किल का सामना न करना पड़े।
ट्रैफिक डायवर्जन क्यों जरूरी Kanwar Yatra
ट्रैफिक डायवर्जन इसलिए बहुत जरूरी है क्योकिं हर साल महाशिवरात्रि से पहले लाखों शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने अपने शिवालयों की ओर निकलते हैं। इस दौरान राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर भारी भीड़ उमड़ती है। जिसके चलते सुरक्षा के मद्देनज़र ट्रैफिक डायवर्जन बहुत जरुरी है। क्योकि कांवड़ यात्रा के समय सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, भारी वाहनों की मौजूदगी से जाम की स्थिति बनती है, Kanwar Yatra
बिजनौर जिले में 5 फरवरी से 15 फरवरी तक लागू रहेगी व्यवस्था इस समय के बीच ट्रक, डंपर, डीसीएम और ट्रैक्टर ट्रॉली जैसे सभी भारी वाहनों की एंट्री पूरी तरह से बंद होगी। एसपी अभिषेक झा के अनुसार, यह फैसला कांवड़ियों की सुरक्षा और यात्रा को व्यवस्थित रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
हालांकि जरूरी सामान वाले वाहनों को सीमित छूट भी दी जाएगी जैसे कुछ आवश्यक सेवाओं को राहत दी गई है। इसमें मुख्य यह वहां शामिल है – खाद्य सामग्री से जुड़े वाहन, पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई, एलपीजी और गैस वाहन, मेडिकल और दवाइयों से जुड़े वाहन शामिल है ये सभी वाहन केवल रात 11 बजे से सुबह 4 बजे तक ही जिले में चल सकेगें वह भी पुलिस एस्कॉर्ट के साथ। Kanwar Yatra
वैकल्पिक मार्ग
बिजनौर से हरिद्वार हल्के और भारी वाहन गंगा बैराज के रास्ते मुजफ्फरनगर होकर भेजे जाएंगे।
कांवड़ियों के वाहन
कांवड़ यात्रा में शामिल वाहनों को मंडावर, नांगल, मंडावली और भागूवाला मार्ग से हरिद्वार की ओर डायवर्ट किया जाएगा। बिजनौर से मंडावर बालावाली लक्सर मार्ग पर भारी और मध्यम वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा। कोटद्वार और पौड़ी जाने वाले वाहनों की व्यवस्था कोटद्वार और पौड़ी की दिशा में जाने वाले वाहन बिजनौर से फोरलेन हाईवे नजीबाबाद और नजीबाबाद बाईपास के रास्ते भेजे जाएंगे। हरिद्वार से कोटद्वार जाने वाले हल्के वाहन समीपुर नहर पटरी से निकलेंगे, जबकि भारी वाहन मुजफ्फरनगर होकर किरतपुर और नजीबाबाद से गुजरेंगे।मुरादाबाद और काशीपुर की ओर जाने वाले भारी वाहन हापुड़, संभल और अनूपशहर से होकर वैकल्पिक मार्गों पर भेजा जाएगा।
सफाई और सुरक्षा पर भी खास ध्यान
सफाई और सुरक्षा पर भी खास ध्यान दिया जाएगा जैसे कांवड़ मार्गों के किनारे झाड़ियां हटाई जाएंगी ताकि साफ सफाई रहे। भांग के पौधों को जड़ से उखाड़ा जाएगा सड़क किनारे खंभों और पेड़ों पर रेडियम रिफ्लेक्टर लगाए जाएगें। इस काम के लिए तीन विशेष टीमें गठित की गई हैं।ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी बढ़ेगी यह सभी कार्य कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाना है।

