Masani road project: NH 48 पर गुरुग्राम में मसानी बैराज के क्षेत्र में ट्रैफिक जाम कम करने के लिए नई सड़क बनाने की योजना बनाई जा रही है। जिसके चलते भारतीय राष्ट्रयि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने दिल्ली से जयपुर दिशा की और करीब 2 किलोमीटर लम्बी सड़क बनाने का लक्ष्य रखा है।
यह सड़क तीन लाइन की होगी। जिसके चलते यातायात का दबाव कम होगा। अभी हाल में इस सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण यहाँ ट्रैफिक जाम ज्यादा लगता है। लेकिन यह नई सड़क जब छोड़ी होगी तो यहाँ से निकलने वाले यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।
मसानी बैराज क्षेत्र में क्यों लगता है ट्रैफिक जाम Masani road project

जैसे कि पहले भी बताया गया है कि NH 48 देश के सबसे व्यस्त राजमार्गों में से है और दिल्ली से जयपुर को जोड़ने वाली सड़क से हर रोज हज़ारों यात्री सफर करते है जिसके चलते यहाँ ट्रैफिक जाम की स्तिथि बन जाती है। इस जाम की समस्या से निपटने के लिए ही इस सड़क को 3 लाइन में बनाया जा रहा है। Masani road project
मसानी बैराज के पास ट्रैफिक समस्या के मुख्य कारण
दिल्ली से जयपुर जाने वाली सड़क की चौड़ाई कम होने के चलते सोहना से रेवाड़ी आने वाला NH 919 इसी मार्ग से जुड़ना और भारी संख्या में ट्रक और लंबी दूरी के वाहन होने से और औद्योगिक क्षेत्रों की वजह से बढ़ता स्थानीय यातायात भी इस मार्ग में बाधा बनता है। Masani road project
नई तीन लेन सड़क से क्या बदलेगा
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने ट्रैफिक प्रवाह को बेहतर बनाने के लिए लगभग दो किलोमीटर लंबी तीन लेन सड़क बनाने की योजना तैयार की है।
इस परियोजना की मुख्य विशेषताएं
दिल्ली से जयपुर दिशा में अतिरिक्त तीन लेन मार्ग बनेगा वाहनों के लिए अलग प्रवाह जिससे जाम कम होगा और भारी वाहनों और स्थानीय ट्रैफिक के बीच बेहतर संतुलन बनेगा। प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों के अनुसार मौजूदा सड़क संकरी होने की वजह से वाहनों की गति काफी कम हो जाती है। नई लेन बनने के बाद यातायात सुचारु होने की उम्मीद है।
परियोजना के लिए भूमि की जरूरत
इस सड़क के निर्माण के लिए करीब 2.2 एकड़ अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता बताई गई है। इसलिए वन विभाग से भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है जिसके चलते स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
क्षेत्रीय यातायात पर पड़ेगा बड़ा प्रभाव
मसानी बैराज के पास लगने वाला जाम केवल स्थानीय समस्या नहीं है बल्कि इसका असर दिल्ली जयपुर कॉरिडोर के लंबे हिस्से पर पड़ता है। अब नई सड़क बनते ही यात्रा समय में कमी होगी और ईंधन की बचत होने के साथ ही माल ढुलाई की गति में सुधार होगा जिसके चलते सड़क सुरक्षा में बेहतर स्थिति होगी।

