Medicine Price Hike: देश में जहा पहले ही पेट्रोल डीजल के दाम आसमान को छू रहे है और रसोई गैस के लिए भी लम्बी लाइनों से लोग परेशान है। लेकिन अब दवाएं भी महंगी होने जा रही है। हालाकिं ईरान अमेरिका यद्ध में भले ही थोड़ा विराम लगा है। लेकिन इस जंग ने वैश्विक व्यापार को बुरी तरह से प्रभावित किया है। Medicine Price Hike:
जिसके चलते इसका प्रभा भारत के फार्मा सेक्टर पर भी देखने को मिल रहा है। जिसके चलते दवा बने की लागत में उछाल आया है। यह उछाल कच्चे मॉल के रेट बढ़ने के कारण आया है।
पैरासिटामोल के दाम में लगी ‘आग’ Medicine Price Hike

पैरासिटामोल दवा की बात करें तो इसमें पड़ने वाले कच्चे माल में करीब दुगने से भी ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है जिसके चलते यह पहले 220 रुपये किलो मिटा था जो अब 550 रुपये तक पहुंच गया है। सॉल्वेंट्स और इंटरमीडिएट पदार्थों की आपूर्ति पश्चिम एशिया में तनाव के चलते बाधित हो गई है जिसके चलते अब कच्चा माल डबल रेट पर मिल रहा है। जैसे ही माल की कीमत में बढ़ोतरी हुई है तो उसी प्रकार अब कंपनी इसका सीधा असर ग्रहकों पर डाल रही है। जिसके चलते सभी दवाएं महंगी होंगी। Medicine Price Hike:
उत्पादन ठप होने की कगार पर
भारत के थोक दवा निर्माता इस समय बड़े ‘लागत संकट’ से जूझ रहे हैं। सप्लाई चेन टूटने और ऊर्जा स्रोतों की कमी के कारण कई छोटी और मध्यम उत्पादन इकाइयों में काम बंद होने की नौबत आ गई है। प्रीमियम पेट्रोल और इंडस्ट्रियल डीजल की बढ़ती कीमतों ने ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट को भी ऊपर खींच लिया है। ऐसे में दवाओं की कीमतों में बदलाव अब केवल संभावना नहीं, बल्कि कड़वी हकीकत बनता दिख रहा है।
चौतरफा घिरी आम जनता Medicine Price Hike:
एक तरफ लोग LPG सिलेंडरों के लिए घंटों कतारों में खड़े होने के बावजूद खाली हाथ लौट रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्य सेवाओं का महंगा होना उनके बजट को पूरी तरह बिगाड़ देगा। Medicine Price Hike:
एक्सपर्ट्स की मानें तो अगर वैश्विक हालात जल्द नहीं सुधरे, तो केवल पैरासिटामोल ही नहीं, बल्कि एंटीबायोटिक्स और लाइफ-सेविंग ड्रग्स की कीमतों में भी बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

