New Collector Rate 2026 : जिले में बुधवार से नए कलेक्टर रेट लागू हो गए हैं। बुधवार को जिले की सभी तहसीलों में कुल 66 रजिस्ट्री हुई हैं। हालांकि जिन्होंने रजिस्ट्री के लिए पहले टोकन लिए हुए थे, उनकी रजिस्ट्री पुराने कलेक्टर रेट पर की गई है। बुधवार को तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री करवाने के लिए कम ही लोग पहुंचे। केवल 94 टोकन ही बुक हुए थे, जिनमें से 66 की रजिस्ट्री हुई। वहीं 28 टोकन लंबित रहे। सबसे ज्यादा 24 रजिस्ट्री जींद तहसील में हुई। वहीं जुलाना, पिल्लूखेड़ा व अलेवा तहसील में कोई रजिस्ट्री नहीं हुई। बता दें कि एक अप्रैल से कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी की गई है।
कितने बढ़े कलेक्टर रेट ? (New Collector Rate 2026)
कृषि भूमि के 10 प्रतिशत, रिहायशी के 15 प्रतिशत और कमर्शियल भूमि के 20 प्रतिशत तक कलेक्टर रेट बढ़े हैं। वहीं पिछले साल जिस क्षेत्र में रजिस्ट्री कलेक्टर रेट से ज्यादा पर करवाई गई है, वहां 35 से 40 प्रतिशत तक भी कलेक्टर रेट बढ़े हैं। 30 मार्च को पुराने कलेक्टर रेट पर रजिस्ट्री करवाने के लिए दिनभर भीड़ रही थी और 382 रजिस्ट्री हुई थी।
कहां कितनी रजिस्ट्री हुई (New Collector Rate 2026)
- जींद तहसील में 30 टोकन बुक हुए, जिसमें से 24 रजिस्ट्री हुई।
- नरवाना तहसील में 20 टोकन बुक हुए, जिसमें से 18 की रजिस्ट्री हुई।
- सफीदों तहसील में 16 टोकन बुक हुई और 14 की रजिस्ट्री हुई।
- उचाना में 13 टोकन बुक हुए और 10 रजिस्ट्री हुई।
- जुलाना तहसील में 13, पिल्लूखेड़़ा व अलेवा में एक- एक टोकन बुक हुआ, लेकिन कोई रजिस्ट्री नहीं हुई।

कलेक्टर रेट अपडेट करने के निर्देश (New Collector Rate 2026)
जिला राजस्व अधिकारी राजकुमार ने बताया कि 31 मार्च शाम को ही नए कलेक्टर रेट अपडेट करने के निर्देश दे दिए गए थे। बुधवार को रजिस्ट्रियां हुई हैं। जिनके पुराने टोकन थे, सरकार के निर्देशानुसार उनकी पुराने कलेक्टर रेट पर ही रजिस्ट्री की गई हैं।
एनडीसी पोर्टल बंद, नप कार्यालय में काम रहे ठप (New Collector Rate 2026)
दूसरी तरफ एनडीसी (नो ड्यूज सर्टिफिकेट) पोर्टल बंद रहने से नगर परिषद कार्यायल में प्रापर्टी आइडी, प्रापर्टी टैक्स, जन्म- मृत्यु प्रमाण पत्र से संबंधित काम ठप रहा। वीरवार को भी एनडीसी पोर्टल बंद रहेगा। नगर परिषद कार्यकारी अधिकारी ऋषिकेश चौधरी ने बताया कि मुख्यालय से एनडीसी पोर्टल को अपडेट किया जा रहा है। इसी वजह से पोर्टल बंद है। एनडीसी पोर्टल पर नई प्रापर्टी आइडी बनाने, पुरानी आइडी में संशोधन करवाने, प्रापर्टी टैक्स जमा करने का काम होता है। वहीं जन्म-मृत्यु प्रमाण से जुड़े कार्य भी इसी पोर्टल पर होते हैं। कार्यालय में प्रापर्टी आइडी व जन्म- मृत्यु प्रमाण पत्र से संबंधित काम लेकर पहुंचे लोगों को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। वार्ड 10 से पूर्व पार्षद रिंकू नागर ने कहा कि नगर परिषद में प्रापर्टी आइडी से संबंधित कार्य ही लेकर लोग पहुंचते हैं। पोर्टल बंद होने से लोगों को दिक्कत हुई।

