Jewar airport inauguration : एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट की शुरुआत, जेवर से उड़ान भरेगा नया भारत, जानें पूरी प्लानिंग

Date:

Jewar airport inauguration : दिल्ली-NCR में हवाई यात्रा के क्षेत्र में बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है। देश के पीएम नरेंद्र मोदी ने आज यानि 28 मार्च को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) के पहले चरण का उद्घाटन कर दिया है। करीब 20 साल के के लंबे इंतजार के बाद यह प्रोजेक्ट अब जमीन पर उतर चुका है, जिससे क्षेत्र के करोड़ों लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है।

जेवर एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। उद्घाटन के साथ ही यहां से व्यावसायिक उड़ानों की तैयारी भी तेज हो गई है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले कुछ ही हफ्तों में यात्रियों के लिए सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एयरपोर्ट के उद्घाटन के लगभग 45 दिनों के भीतर देश के 10 बड़े शहरों के लिए फ्लाइट सेवाएं शुरू की जा सकती हैं।

Jewar airport : जेवर एयरपोर्ट से किन शहरों की फ्लाइट शुरू

हालांकि अभी तक एयरलाइंस कंपनियों ने आधिकारिक शेड्यूल जारी नहीं किया है, लेकिन तैयारियां अंतिम चरण में हैं। शुरुआती दौर में जिन शहरों के लिए सीधी उड़ान की संभावना है, उनमें मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, लखनऊ, पुणे, चेन्नई, अहमदाबाद, जयपुर और गोवा शामिल हैं। इससे दिल्ली-एनसीआर के लोगों को अब केवल इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और यात्रा का समय भी काफी कम होगा।

Jewar Airport Inauguration Noida Airport Operational
Jewar Airport Inauguration Noida Airport Operational

Jewar airport : 4 चरणों में होगा काम पूरा, 29 हजार करोड़ की लागत

करीब 29,650 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहा यह एयरपोर्ट चार चरणों में तैयार किया जाएगा। फिलहाल पहले चरण में एक रनवे और आधुनिक टर्मिनल भवन का निर्माण पूरा कर लिया गया है। लगभग 5000 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला यह एयरपोर्ट पूरी तरह विकसित होने के बाद सालाना 7 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता रखेगा, जबकि अभी पहले चरण में 1.2 करोड़ यात्रियों के हिसाब से इसे तैयार किया गया है। यहां 3900 मीटर लंबा रनवे बनाया गया है, जिस पर Airbus A380 जैसे बड़े विमान भी आसानी से उतर सकेंगे।

इस एयरपोर्ट की खासियत यह है कि यहां आधुनिक तकनीक के साथ भारतीय संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी। टर्मिनल के डिजाइन में वाराणसी के घाटों की प्रेरणा और पारंपरिक भारतीय स्थापत्य का समावेश किया गया है। साथ ही इसे पूरी तरह ग्रीन एनर्जी आधारित बनाने पर जोर दिया गया है, जिसमें बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा का उपयोग किया जाएगा।

Jewar airport : लॉजिस्टिक हब के रूप में होगा विकसित

सिर्फ यात्री सुविधाओं तक सीमित न रहकर, यह एयरपोर्ट एक बड़े लॉजिस्टिक हब के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। जेवर स्थित यह हवाई अड्डा यमुना एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ा हुआ है और भविष्य में इसे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, हाई-स्पीड रेल और मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। कुल मिलाकर, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट न सिर्फ यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि क्षेत्र में व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular

Recently Post
Related