old age pension haryana status : हरियाणा सरकार ने करीब 70 हजार बुजुर्गों की रोकी गई बुढ़ापा पेंशन जारी कर दी है। शुक्रवार शाम तक (Pension Haryana) जनवरी माह की ₹3000 पेंशन राशि लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर कर दी गई, जबकि नवंबर और दिसंबर 2025 की रोकी गई पेंशन शनिवार को जारी किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन महीनों की पेंशन रोकी गई थी, उसका एरियर भी पूर्ण रूप से दिया जाएगा।
दरअसल यह पूरा मामला तब गरमाया जब समाज कल्याण विभाग ने आयकर विभाग और अन्य स्रोतों से प्राप्त अपडेट डेटा के आधार पर बड़ी संख्या में पेंशन लाभार्थियों की पात्रता की जांच शुरू की। विभाग का कहना था कि कुछ मामलों में आय या उम्र से संबंधित जानकारी में विसंगतियां सामने आईं, जबकि कुछ परिवारों में एक से अधिक सदस्यों द्वारा पेंशन लेने की स्थिति भी सामने आई। इसी आधार पर नवंबर और दिसंबर में हजारों पेंशन होल्ड कर दी गईं।
Pension Haryana : विपक्ष ने बनाया बड़ा मुद्दा
पेंशन रुकने की खबर सामने आते ही विपक्ष ने इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना लिया। कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन की घोषणा कर दी। बुढ़ापा पेंशन को सामाजिक सम्मान और सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील विषय बताते हुए सरकार पर बुजुर्गों के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया गया। बजट सत्र से पहले बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच सरकार ने पूरे मामले की समीक्षा का निर्णय लिया।

11 फरवरी को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जब तक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त न हो जाए, किसी भी बुजुर्ग की पेंशन रोकी न जाए। यदि किसी लाभार्थी की पात्रता संदिग्ध लगती है तो उसे कारण बताकर जवाब देने का अवसर दिया जाए। दस्तावेज अधूरे होने पर उन्हें पूरा करने के लिए समय दिया जाए और आवश्यकता पड़ने पर अधिकारी स्वयं लाभार्थी के घर जाकर जांच करें।
Pension Haryana : बढ़ी हुई पेंशन का नोटिफिकेशन जारी
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि उनकी अनुमति के बिना किसी की पेंशन बंद नहीं की जाएगी। सरकार ने इसी दिन सामाजिक सुरक्षा पेंशन में वृद्धि से संबंधित नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया। हालांकि पेंशन बढ़ाने की घोषणा पहले की जा चुकी थी, लेकिन विवाद के बीच इसे औपचारिक रूप से लागू किया गया। अब इस मुद्दे से जुड़ा एक बड़ा सवाल आय सीमा को लेकर भी उठ रहा है।
वर्तमान में 60 वर्ष से अधिक आयु के वे बुजुर्ग पेंशन के पात्र हैं, जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय तीन लाख रुपए से अधिक नहीं है। विपक्ष का तर्क है कि यह पेंशन केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सामाजिक सम्मान भत्ता है, इसलिए इसे आय सीमा से नहीं बांधा जाना चाहिए। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि आगामी बजट सत्र में सरकार आय सीमा बढ़ाने या उसमें संशोधन करने पर विचार कर सकती है।

