Petrol Diesel Price Today: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल के चलते अब भारत में उपभगताओं पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है जिसके चलते निजी क्षेत्र की कंपनी नायरा एनर्जी ने पहले भी तेल के दाम में बढ़ोतरी कर दी थी जिसके चलते अब शेल इंडिया कंपनी द्वारा भी पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़ोतरी की गई है। Petrol Diesel Price Today
शेल इंडिया की और से डीजल की कीमतों में करीब 25 रूपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। जिसने सभी को चौका दिया है।
निजी पंपों पर तेल हुआ प्रीमियम डीजल 123 के पार Petrol Diesel Price Today

कच्चे तेल की कमी के चलते तेल की कीमत में वृद्धि होना किसी बड़े झटके से कम नहीं है। जिसके चलते मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक शेल इंडिया ने डीजल के दाम में 25.01 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है वही पेट्रोल की कीमत में करीब 7 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। Petrol Diesel Price Today
जिसके चलते अब शेल के पेट्रोल पंपों पर सामान्य डीजल 123.52 रुपए प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है, जबकि इसके प्रीमियम वेरिएंट के लिए ग्राहकों को 133.52 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं। इसी तरह, बेंगलुरु जैसे शहरों में सामान्य पेट्रोल अब 119.85 की दर से बिक रहा है। अलग-अलग राज्यों में स्थानीय करों VAT के चलते इन कीमतों में कुछ रुपयों का अंतर देखने को मिल सकता है।
क्यों बढ़ रहे हैं निजी कंपनियों के दाम
जहाँ एक तरफ सरकारी तेल कंपनियां IOCL, BPCL, HPC कच्चे तेल की महंगाई के बावजूद कीमतों को स्थिर रखे हुए हैं, वहीं निजी कंपनियां घाटे के बोझ तले दबी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी कंपनियों को सरकार से वित्तीय सुरक्षा या सब्सिडी का सहारा मिल जाता है, लेकिन शेल और नायरा जैसी निजी कंपनियों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार की मार झेलनी पड़ती है। घाटे से बचने के लिए इन कंपनियों के पास दाम बढ़ाने के अलावा दूसरा कोई रास्ता नहीं बचा था।
ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल का उबाल
ईंधन की कीमतों में इस तेजी के पीछे वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव मुख्य कारण है। फरवरी के अंत में ईरान पर हुए हमलों के बाद से कच्चे तेल की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 60 फीसदी तक उछलकर $100 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।
चूंकि भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत तेल आयात करता है, इसलिए वैश्विक बाजार में होने वाली छोटी सी हल चल भी घरेलू कीमतों पर बड़ा असर डालती है।
आम आदमी पर क्या होगा असर
निजी पंपों पर बढ़ी इन कीमतों का सीधा असर माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स सेक्टर पर पड़ सकता है। डीजल के दाम बढ़ने से फल, सब्जी और अन्य जरूरी सामानों के परिवहन खर्च में इजाफा होगा, जिससे आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ सकती है। हालांकि, जो ग्राहक सरकारी पंपों से तेल भरवा रहे हैं, उन्हें फिलहाल राहत है, लेकिन निजी कंपनियों के इस कदम ने बाजार में चिंता की लकीरें खींच दी हैं।

