Petrol Diesel Price Today: वर्तमान में पश्चिम एशिया के तनाव के चलते वैश्विक ऊर्जा बाजार में कोहराम मचा हुआ है। जिसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। कच्चे तेल की कीमतें हर दिन नया रिकॉर्ड बना रही है। Petrol Diesel Price Today
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 3 फीसदी से ज्यादा की छलांग लगाकर 116.50 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। जो इस महीने में सबसे जयदा कीमत है। जिसने दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं की चिंता बढ़ा दी है।
युद्ध का विस्तार और सप्लाई चेन पर मंडराता खतरा Petrol Diesel Price Today

तनाव के चलते सबसे ज्यादा प्रभाव सप्लाई चेन पर पड रहा है जिसके चलते सप्लाई चेन हर देश की बिगड़ गई है और चीजे महंगी भी हो गई है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, हूतियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनके सहयोगियों पर कार्रवाई नहीं रुकती, वे हमले जारी रखेंगे। हालांकि, अभी तक व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने की सीधी खबर नहीं है, लेकिन लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों पर हूतियों की बढ़ती धमक वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बड़ा खतरा है।
भारतीय उपभोक्ताओं के लिए आज क्या हैं हालात? Petrol Diesel Price Today
वैश्विक स्तर पर मची इस उथल-पुथल के बावजूद, भारतीय तेल विपणन कंपनियों IOCL, HPCL, BPCL ने आज यानी 30 मार्च की सुबह भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। आम आदमी के लिए यह राहत की बात है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद भी घरेलू स्तर पर कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। Petrol Diesel Price Today
देश में सबसे सस्ता ईंधन फिलहाल पोर्ट ब्लेयर में मिल रहा है, जहाँ पेट्रोल की कीमत ₹82.46 और डीजल ₹78.05 प्रति लीटर है। वहीं, महानगरों में कीमतें अब भी 100 के स्तर के आसपास या पार बनी हुई हैं।
प्रमुख शहरों में आज के भाव (प्रति लीटर) Petrol Diesel Price Today
शहर पेट्रोल (₹) डीजल (₹)
दिल्ली 94.77 87.67
मुंबई 103.54 90.03
कोलकाता 105.41 92.02
चेन्नई 100.80 92.39
बेंगलुरु 102.92 90.99
हैदराबाद 107.50 95.70
पटना 105.23 91.49
इंदौर 106.55 91.94
आगे क्या होगा? विशेषज्ञों की राय
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि भारत अपनी जरूरत का 85 फीसदी से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। यदि ब्रेंट क्रूड लंबे समय तक 110 डॉलर के ऊपर बना रहता है, तो तेल कंपनियों के मार्जिन पर भारी दबाव पड़ेगा। ऐसी स्थिति में आने वाले दिनों में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी (LPG) की कीमतों में संशोधन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल सरकार और कंपनियां ‘रुको और देखो’ की नीति अपना रही हैं, ताकि घरेलू महंगाई को काबू में रखा जा सके।

