haryana gas Petrol shortage : जींद में गैस एजेंसियों के बाद अब पेट्रोल पंप पर भी भीड़ लगनी शुरू हो गई है। वाहन चालकों को अंदेशा है कि कहीं तेल के रेट ना बढ़ जाए या सप्लाई बंद हो जाए, इस डर में गाड़ी की टंकी फुल करवा रहे हैं। बहुत से लोग तो कैन भी लेकर पहुंच रहे हैं। फसली सीजन शुरू हो गया है। गेहूं की फसल की कटाई, मंडी लाने, खेत को अगली फसल के लिए तैयार करने में डीजल की जरूरत पड़ेगे। ऐसे में किसान भी ड्रम लेकर पेट्रोल पंप पर पहुंच रहे हैं।
haryana gas Petrol shortage : रिलायंस जियो पेट्रोल पंप पर लगी इतने लीटर तेल देने पर रोक
शुक्रवार को चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय के पास रिलायंस जियो के पेट्रोल पंप पर दोपहर को कई किसान ड्रम लेकर डीजल लेने के लिए पहुंचे। कुछ किसान तो दो- दो ड्रम लेकर आए हुए थे। रिलायंस जियो पेट्रोल पंप पर 50 लीटर से ज्यादा डीजल देने पर रोक लगा दी गई है। डीजल लेने पहुंचे कर्मगढ़ गांव के किसान महेंद्र यादव ने बताया कि गेहूं की फसल की कटाई शुरू होने के बाद वे व्यस्त हो जाएंगे। फिर पेट्रोल पंप पर लाइन में लगने का समय नहीं लगेगा। इसलिए पहले ही डीजल लेने के लिए आए हैं।

जींद जिले में कितने पेट्रोल पंप है? (Petrol shortage)
जिले में करीब 200 पेट्रोल पंप है। जिन पर प्रतिदिन आठ लाख लीटर पेट्रोल व डीजल की खपत होती है। फिलहाल एचपीसीएल के पेट्रोल पंप पर पीछे से सप्लाई में देरी की वजह से दिक्कत आ रही है। हालांकि लोगों के बीच दिनभर ये चर्चा रही कि कई पेट्रोल पंप ड्राई हो गए हैं। लेकिन जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग और जींद पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने पेट्रोल पंप ड्राई होने की सूचना को गलत बताया।
जींद पेट्रोल पंप एसोसिएशन के कार्यवाहक प्रधान एवं महासचिव राकेश बंसल ने कहा कि जिले में पेट्रोल व डीजल की कोई कमी नहीं है। जिस व्यक्ति को 10 लीटर तेल की जरूरत है, वह अब 50 लीटर ले रहा है। जिसकी वजह से खपत बढ़ी है। एचपीएसएल की सप्लाई देरी से आने की वजह से एचपी के कुछ पेट्रोल पंप पर दिक्कत है।

