Poonam Hisar story: हरियाणा के हिसार में रहने वाली पूनम जिसने परिवार का खर्च चलने की थान ली और करीब 2 वर्ष तक रिक्शा चलकर आर्थिक स्तिथि को संभाला। बढ़ रही महंगाई और बच्चों की जिम्मेदारी के बीच उन्हीने जिम्मेदारियों को संभाल लिया और रोजगार का नया रास्ता चुन लिया।
परंपरागत सोच और सामाजिक दबाव के बावजूद पूनम ने सड़कों पर ई रिक्शा चलाना शुरू किया। उनका कहना है कि परिवार का खर्च बढ़ने पर उन्हें यह फैसला लेना पड़ा। आज वह घर का काम संभालने के साथ शहर में सवारी ढोकर आय अर्जित कर रही हैं।
घर की जिम्मेदारियों ने लिया नया मोड़ Poonam Hisar story

बता दें कि हिसार के आजाद नगर क्षेत्र में रहने वाली पूनम दो बच्चों की मां हैं। उनके पति भी काम करते हैं, लेकिन परिवार का खर्च बढ़ने के कारण आय पर्याप्त नहीं थी। जिसके चलते पूनम बताती हैं कि जब किराया, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा के खर्च बढ़ने लगे तो उन्होंने भी कमाने का निर्णय लिया। पढ़ाई कम होने के कारण उन्हें कोई नियमित नौकरी नहीं मिली, इसलिए उन्होंने ई रिक्शा चलाने का विकल्प चुना।
एक स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता के अनुसार छोटे शहरों में अब महिलाएं भी परिवहन जैसे क्षेत्रों में कदम रख रही हैं। इससे परिवार की आय बढ़ती है और महिलाओं में आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
शुरुआत में सामाजिक तानों का सामना
पूनम कहती हैं कि शुरुआत आसान नहीं थी। जब उन्होंने पहली बार ई रिक्शा चलाना शुरू किया तो लोगो नए कई ताने मरे की यह काम महिलाओं के लिए नहीं है लेकिन समय के साथ साथ लोगों की सोच भी बदल गई और उन्हें सब पहचानने लगे। Poonam Hisar story
सिटी बस सेवा से कम हुई कमाई
सिटी बस सेवा से कम हुई कमाई पिछले कुछ समय में हिसार में सिटी बस सेवा शुरू होने के बाद ई रिक्शा चालकों की आमदनी प्रभावित हुई है। जिसके चलते पूनम ने बताया कि अब से पहले ज्यादा सवारियां मिलती थी लेकिन अब बहुत ही कम सवारिया मिलती है। कई यात्री अब बस से यात्रा करतें है जिसके चलते उनकी आया कम हो गई है।
उनके अनुसार कई बार सवारियों को लेकर चालकों के बीच बहस भी हो जाती है क्योंकि सभी को सीमित यात्रियों के लिए प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती है।
जिसके चलते परिवार के लिए रोज संघर्ष और पूनम किराये के मकान में अपने परिवार के साथ रहती हैं। वह बताती हैं कि कभी कभी पूरे दिन मेहनत करने के बाद भी पर्याप्त कमाई नहीं हो पाती। इसके बावजूद वह काम जारी रखती हैं क्योंकि घर की जरूरतें प्राथमिकता हैं। कई बार सवारी को लेकर अन्य चालकों के साथ विवाद की स्थिति भी बन जाती है। हालांकि वह कहती हैं कि इन चुनौतियों के बावजूद वह पीछे नहीं हटेंगी। Poonam Hisar story
महिलाओं के लिए प्रेरणा बन सकती है यह पहल
पूनम जैसी कहानियां यह दिखाती हैं कि सीमित संसाधनों के बावजूद महिलाएं आत्मनिर्भर बनने के लिए नए रास्ते तलाश सकती हैं।

