Sapna Chaudhary Case update : हरियाणा की फेमस डांसर व कलाकार सपना चौधरी को 8 साल पुराने मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने सपना चौधरी के पासपोर्ट रिन्यू कराने के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी करने के आदेश दिए हैं। इसमें कोर्ट ने कहा है कि सपना चौधरी का पासपोर्ट 10 साल के लिए रिन्यू किया जाएगा।
इस फैसले से सपना चौधरी को लंबे समय से चली आ रही कानूनी परेशानी से राहत मिली है। दरअसल पहले ट्रायल कोर्ट ने सपना चौधरी को पोसपाोर्ट रिन्यू के लिए NOC देने से मना कर दिया था। ट्रायल कोर्ट ने कहा था कि सपना चौधरी ने यह नहीं बताया कि उन्हें कब, किस देश और किस उद्देश्य से विदेश यात्रा करनी है, इसलिए पासपोर्ट रिन्यू की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसी आदेश के चलते उनका पासपोर्ट नवीनीकरण रुका हुआ था।

Sapna Chaudhary Case update : कलाकार या आम नागरिक को वंचित रखना उचित नहीं
हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को रद्द करते हुए अहम टिप्पणी की और कहा कि पासपोर्ट न मिलना व्यक्ति के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। पासपोर्ट जारी करना और बिना अनुमति देश छोड़ना दो अलग-अलग बातें हैं। केवल इस आधार पर कि भविष्य की यात्रा से जुड़े डॉक्यूमेंट जमा नहीं किए गए, किसी की NOC रोकी नहीं जा सकती। कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी कलाकार या आम नागरिक को अनिश्चितकाल तक पासपोर्ट से वंचित रखना उचित नहीं है, खासकर तब जब उसके फरार होने की कोई आशंका न हो।
Sapna Chaudhary Case update : 8 साल पुराना है मामला
सपना चौधरी का यह केस साल 2018 का है, जब लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र में एक शो रद्द होने के बाद सपना चौधरी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया था। इस मामले में उन्हें जमानत मिल चुकी है, लेकिन इसके बावजूद ट्रायल कोर्ट ने उनके पासपोर्ट रिन्यू के लिए NOC देने से मना कर दिया था।जून 2024 में सपना चौधरी ने पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए कोर्ट से NOC की मांग की थी, जिसे ट्रायल कोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके बाद उन्होंने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। अब हाई कोर्ट से सपना चौधरी को राहत मिली है।

Sapna Chaudhary Case update : सपना चौधरी ने कहा, दो बच्चों की मां हूं, देश छोड़कर नहीं भागूंगी
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान सपना चौधरी ने कहा कि वह दो बच्चों की मां है। भारत में उनकी संपत्ति है और उनका पूरा परिवार व करियर यहीं है। ऐसे में उनके देश छोड़कर भागने का कोई सवाल ही नहीं उठता। हाईकोर्ट ने इन तथ्यों को स्वीकार करते हुए उन्हें पासपोर्ट रिन्यू की अनुमति दी।

