shivratri kab hai: 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पूजा में ये 3 पुष्प चढ़ाने का महत्व

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shivratri kab hai: 15 फरवरी 2026, रविवार को महाशिवरात्रि पुरे देश में मनाई जा रही है जिसके चलते यह पर्व भगवान शिव और माता पारवती के मिलन का प्रतीक माना जाता है . इस अवसर पर पुरे देश में श्रद्धालु रात को जागरण करते है . और शिवलिंग पूजा भी करते है .

कुछ धार्मिक मान्यतांओ के मुताबिक इस दिन सभी भगवान की पूजा करतें है और कुछ पुष्प भी अर्पित करते है .जानकरों के मुताबिक पुष्प अर्पित करने से मनोकामनाएँ पूरी होती है .आइयें जाने महा शिवरात्रि के दिन किन 3 फूलों को अर्पित करना शुभ माना गया है . और इसका महत्व क्या है . Shivratri Pooja date

महाशिवरात्रि 2026 कब और क्यों मनाई जाती है shivratri kab hai

Shivratri Pooja date: Importance of offering these 3 flowers in Mahashivratri puja on 15th February
Shivratri Pooja date: Importance of offering these 3 flowers in Mahashivratri puja on 15th February

महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026 को पूरे भारत में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाएगी। यह पर्व भगवान शिव की आराधना का सबसे महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। मान्यता के अनुसार इसी रात भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इस दिन भक्त व्रत रखते हैं, रातभर जागकर भजन और पूजा करते हैं तथा शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करते हैं। धर्म विशेषज्ञों के अनुसार, महाशिवरात्रि पर किया गया जप और पूजा सामान्य दिनों की तुलना में अधिक फलदायी माना जाता है। shivratri kab hai

पूजा में इन 3 पुष्पों का विशेष महत्व shivratri kab hai

कनेर का फूल
कनेर का फूल भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है। धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं में इसका उल्लेख मिलता है कि इसे शिवलिंग पर अर्पित करने से जीवन में सुख और शांति आती है। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि कनेर का फूल समर्पण और पवित्रता का प्रतीक है, जो भक्त और भगवान के बीच गहरे संबंध को दर्शाता है।

आक का फूल
आक का फूल साधारण दिखने के बावजूद धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। यह माना जाता है कि शिवजी को आक का फूल चढ़ाने से कठिनाइयां दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सदियों से इस फूल का प्रयोग शिव पूजा में होता आया है, जिससे इसकी परंपरा और महत्व दोनों स्पष्ट होते हैं।

धतूरा
धतूरा भगवान शिव की पूजा में विशेष स्थान रखता है। यह विषैला पौधा है, लेकिन शिवजी को अर्पित करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और व्यक्ति को मानसिक शांति मिलती है। shivratri kab hai

इन फूलों से बचने की सलाह

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुछ फूल ऐसे भी हैं जिन्हें शिव पूजा में शामिल नहीं किया जाता। सूरजमुखी का फूल राजसी प्रकृति का प्रतीक माना जाता है जबकि कमल का फूल विष्णु और लक्ष्मी पूजा में उपयोग होता है . ऐसा माना जाता है कि इन फूलों का प्रयोग शिव पूजा में करने से पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता।

क्या जानकारी सटीक और उपयोगी है shivratri kab hai

यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं, पंचांग और परंपराओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य पाठकों को महाशिवरात्रि पूजा की परंपरा और महत्व समझाना है ताकि वे श्रद्धा और जागरूकता के साथ इस पर्व को मना सकें। हम इसकी पृष्टि नहीं करते .

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