Smartphone Price Hike: Vivo और iQOO भारत में काफी जबरदस्त स्मार्टफोन लॉन्च करती आई है यह फ़ोन मिड रेंज सेगमेंट से लेकर अच्छे बजट तक लॉन्च किया है।
लेकिन इसी के बीच अब कंपनी अपने कुछ मॉडल के प्राइस में 1 मार्च से बढ़ोतरी करने जा रही है जिसके चलते कंपनी के कुछ मॉडल जैसे T और Z सीरीज में बदलाव देखने को मिलेगा इन फ़ोन के मॉडल में करीब 1500 रुपये से लेकर 2500 रुपये तक की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
यह नई कीमतें ऑफलाइन मार्किट एक साथ साथ ऑनलाइन भी बधाई जाएगी। फ़ोन के रेट बढ़ने का मुख्य कारण कॉम्पोनेंट लागत और मेमोरी चिप के दाम में उछाल आना है। अगर आप इन ब्रांड्स का फोन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो 28 फरवरी तक खरीदारी करना फायदेमंद हो सकता है।
इन मॉडल्स पर बढ़ेंगी कीमतें Smartphone Price Hike

जानकारी के मुताबिक दोनों कंपनी के Vivo T4 और iQOO Z10 सीरीज के दामों में उछाल देखने को मिलेगा इन दोनों ही डिरिज के मुख्य मॉडल में तो करीब 2000 रुपये तक की बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
नई संभावित कीमतें Smartphone Price Hike
इसी के चलते इन मॉडल्स में करीब 8GB 128GB अब ₹24,999 नई कीमत हो सकती है जबकि 8GB 256GB अब ₹26,999 यहाँ तक पहुंच सकती है और 12GB 256GB अब ₹28,999 रुपये तक जा सकती है। ये मॉडल्स मिड रेंज सेगमेंट में आते हैं और परफॉर्मेंस व कैमरा बैलेंस के लिए जाने जाते हैं।
Vivo T4R और iQOO Z10R सीरीज
जैसे कि पहले भी बताया गया है कि इन मॉडल्स पर भी लगभग ₹2000 की वृद्धि लागू होगी। जिसके चलते यह कीमत इस फ़ोन की कुछ इस प्रकार देखने को मिल सकती है इसमें अपडेटेड कीमतें 8GB 128GB अब ₹22,999 पहुंच सकती है जबकि 8GB 256GB अब ₹24,999 रुपये तक और 12GB 256GB अब ₹26,999 तक हो जाएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार यह सेगमेंट छात्रों और युवा पेशेवरों के बीच काफी लोकप्रिय है, इसलिए कीमत बढ़ने का सीधा असर मांग पर पड़ सकता है। Smartphone Price Hike
Vivo T4x और iQOO Z10x सीरीज
बजट कैटेगरी में आने वाले इन फोनों में अलग अलग वेरिएंट पर अलग बढ़ोतरी की गई है। इसमें कीमत 6GB 128GB अब ₹16,999 तक और 8GB 128GB अब ₹18,999 तक जबकि 8GB 256GB अब ₹20,999 रुपये तक पहुंच गई है। यहां अधिकतम बढ़ोतरी ₹2500 तक पहुंच रही है। Smartphone Price Hike
कीमतें क्यों बढ़ रहीं हैं
मोबाइल इंडस्ट्री से जुड़े विश्लेषकों के अनुसार पिछले कुछ महीनों में मेमोरी चिप और सेमीकंडक्टर कॉम्पोनेंट्स की कीमतों में वैश्विक स्तर पर वृद्धि हुई है। एशिया आधारित सप्लाई चेन पर दबाव, डॉलर विनिमय दर और लॉजिस्टिक्स लागत भी एक कारण मानी जा रही है।

