womens day 2026 : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर वैश्विक मंच पर फ्रांसीसी चैनल आरते फ्रांस द्वारा रिलीज की गई डाक्यूमेंटरी द गर्ल्स रिवेंज ने दुनिया का ध्यान खींच लिया है। यह फिल्म भारत और चीन में लिंग अनुपात की विकृति, कन्या भ्रूण हत्या और लड़कियों के प्रति सदियों पुरानी संकीर्ण सोच को बेनकाब करती है।
खास बात यह है कि इसमें बीबीपुर गांव के पूर्व सरंपच सुनील जागलान की कहानी है, जिसने अकेले दम पर इस अंधकार को चुनौती दी और वैश्विक स्तर पर बदलाव की लहर पैदा की। डाक्यूमेंटरी में दिखाया गया है कि कैसे सुनील जगलान ने ग्रामीण भारत की पितृसत्तात्मक व्यवस्था को झकझोरते हुए लड़कियों को सशक्त बनाने का अभियान चलाया। उन्होंने गांव-गांव में बालिका पंचायतें गठित की, जिनके माध्यम से लड़कियां न केवल नेतृत्व सीख रही हैं, बल्कि अपने गांव में कन्या भ्रूण हत्या को रोकने की जिम्मेदारी भी ले रही हैं।
इन बालिका पंचायतों ने न सिर्फ लड़कियों की आवाज को मजबूत किया, बल्कि पूरे समाज की सोच में क्रांतिकारी बदलाव लाया। फिल्म में जगलान के सबसे चर्चित अभियान सेल्फी विद डाटर को भारत के सबसे प्रभावशाली सामाजिक आंदोलनों में से एक के रूप में चित्रित किया गया है। 2015 में बीबीपुर से शुरू हुआ यह अभियान आज 70 से अधिक देशों में फैल चुका है। इसमें माता-पिता अपनी बेटियों के साथ सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर साझा करते हैं, जिससे बेटियों के प्रति सकारात्मक नजरिया मजबूत होता है।
womens day 2026 : चीन में भी जोर-शोर से चल रहा अभियान
डाक्यूमेंटरी में विशेष रूप से दिखाया गया है कि चीन में भी यह अभियान जोर-शोर से अपनाया जा रहा है, जहां लोग लंबे समय से बेटियों के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त करने के लिए सेल्फी साझा कर रहे हैं। फिल्म में सुनील जगलान की बेटियां नंदिनी जगलान और याचिका जगलान को भी प्रमुखता से दिखाया गया है। दोनों अब खुद सामाजिक कार्यकर्ता बन चुकी हैं और पिता के दिखाए रास्ते पर चलकर समाज में बदलाव ला रही हैं। यह दृश्य दर्शाता है कि जगलान का संघर्ष केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पारिवारिक और पीढ़ीगत स्तर पर भी फैल रहा है।
womens day 2026 : दोनों देशों के लिए प्रेरणास्त्रोत
यह डाक्यूमेंटरी तीन महीने पहले फ्रांस की पूरी टीम द्वारा भारत और चीन के विभिन्न स्थानों पर फिल्माई गई थी। इसमें भारत-चीन की समान सामाजिक चुनौतियों को एक साथ रखकर दिखाया गया है और जागलान के प्रयासों को दोनों देशों के लिए प्रेरणा स्रोत बताया गया है। इससे पहले भी जगलान पर सन राइज डाक्यूमेंटरी बनी थी, जिसे भारत के राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी मन की बात में कई बार सेल्फी विद डाटर की सराहना की और इसे बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का मजबूत हिस्सा बताया।

