Hydrogen Train Update : हाइड्रोजन ट्रेन के ट्रायल को लेकर टेस्टिंग लगातार जारी है। पिछले दिनों हुई ठंड के कारण गैस में नमी आग गई थी जिसके सैंपल अलग- अलग लैब में प्लांट की तरफ से भेजे हुए हैं। अब तीन सिलेंडर और हाइड्रोजन गैस के भरकर जांच के लिए भेजे गए हैं। ट्रेन के इंजन में भरी गई हाइड्रोजन गैस को भी खाली कर दिया गया है। दोबारा इंजन में भरने के लिए हाइड्रोजन गैस बाहर से मंगवाई गई है।
बुधवार शाम तक एक टैंकर गैस पहुंच चुका था। चार टैंकर हाइड्रोजन गैस (Hydrogen Train gas) के मंगवाए गए हैं। हाइड्रोजन प्लांट तैयार करने वाली एजेंसी स्पेन की है। स्पेन से भी एक एक्सपर्ट जांच के लिए प्लांट में पहुंच चुका है और तकनीकी खामियों को दूर करने का तेजी से काम चल रहा है। चेन्नई से तकनीकी टीम जींद आई हुई थी, जो कुछ दिन के लिए वापस चली गई थी। ये टीम भी जल्द वापस लौटने की उम्मीद है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही जींद से सोनीपत ट्रैक (Hydrogen Train trail) पर ट्रायल हो सकता है।
Hydrogen Train Update : ट्रायल में सब सही रहा तो जल्द दौड़ेगी हाइड्रोजन ट्रेन
ट्रायल में सब कुछ सही रहा, तो जल्द ही देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जींद व सोनीपत के बीच दौड़ेगी। पिछले सप्ताह पीसीएमई (प्रिसिंपल चीफ मैकेनिकल इंजीनियर) डिंपी गर्ग टीम के निरीक्षण के बाद हाइड्रोजन प्लांट में टेस्टिंग के काम में तेजी आई है। एक जनवरी को ट्रेन दिल्ली से सोनीपत पहुंच गई थी।

इसके बाद लखनऊ से विशेष कोच में केबल का सामान पहुंचा था। ट्रायल की तैयारी चल रही थी और आरडब्ल्यूएसओ (रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड आर्गेनाइजेशन) टीम जींद पहुंच गई थी। लेकिन तकनीकी खामियों के कारण ट्रायल नहीं हो सका था और आरडब्ल्यूएसओ की टीम वापस लौट गई थी।
Hydrogen Train Update : गैस में नमी आने से ट्रायल हो रही देरी
जींद रेलवे जंक्शन (Jind railway junction) पर करीब 120 करोड़ रुपये की लागत से हाइड्रोजन प्लांट (Hydrogen Plant Jind) बनाया गया है। इसी प्लांट से जींद- सोनीपत के बीच चलने वाली हाइड्रोजन ट्रेन में गैस भरी जाएगी। पिछले दिनों प्लांट में तैयार की गई हाइड्रोजन गैस में ठंड के कारण नमी आ गई थी। इस कारण इंजन में गैस को पूरे प्रेशर से नहीं भरा जा सका था।
ट्रायल में देरी की ये बड़ी वजह रही। पिछले सप्ताह पीसीएमई दिल्ली से अपनी टीम के साथ निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। उन्होंने हाइड्रोजन गैस (Hydrgen gas train) बनाने में प्रयोग हो रहे सबमर्सिबल के पानी की जांच करवाने के आदेश दिए थे। प्लांट की तरफ से सबमर्सिबल के पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे हुए हैं। जिनकी रिपोर्ट आने का भी इंतजार है।

