12 February Chakka Jaam Strike : अगर आप सार्वजनिक परिवहन में सफर करते हैं और 12 फरवरी को रोडवेज बस आदि में कहीं भी जाने का प्लान है तो ये खबर आपके काम की है। आपको अपने प्रोग्राम में बदलाव करना पड़ सकता है, क्योंकि हरियाणा में आने वाली 12 फरवरी को रोडवेज की बसों का चक्का जाम हो सकता है। ऐसे में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। रोडवेज बस सेवा के अलावा और भी कई तरह की सेवाएं ठप्प हो सकती है।
जीं हां, केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर 4 लेबर कोड के विरोध में 12 फरवरी को रोडवेज बसों का चक्का जाम (Chakka Jaam) कर प्रदेश व्यापी हड़ताल का फैसला लिया गया है। हड़ताल में रोडवेज कर्मियों के अलावा आशा वर्कर्स, पटवारी, कानूनगो, आंगनबाड़ी वर्कर्स समेत कई यूनियनें शामिल होंगी। स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ने की आशंका है। हालांकि सभी विभागों के कर्मियों की अपनी-अपनी मांगे हैं और केंद्रीय आह्वान पर यह प्रदेश व्यापी हड़ताल की कॉल है।
Chakka Jaam : रोडवेज कर्मी कर रहे OPS की मांग
रोडवेज कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली (OPS) की मांग कर रहे हैं तो साथ ही रोडवेज के निजीकरण का विरोध कर रहे हैं। इसके अलावा रोडवेज कर्मियों की मांग है कि वेतनमान बढ़ाया जाए, प्रमोशन, बोनस भुगतान, HKRNL के तहत लगे कर्मियों को पक्का करने की मांग, समान काम के बदले समान वेतन, खाली पदों को भरने की मांग की है। हरियाणा की करीब 20 हजार आशा वर्कर्स ने भी हड़ताल का समर्थन किया है।

आशा वर्कर्स यूनियन ने बजट को जनविरोधी बताते हुए सरकार से मांग की है कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त किया जाए और जनता को बेहतर व सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाएं। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और आशा वर्कर्स एंड फैसिलिटेटर फेडरेशन के आह्वान पर यह हड़ताल की जा रही है। यूनियन प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में आशा वर्कर्स को मानदेय समय पर नहीं दिया जाता। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर जिला स्तर तक कार्य के दौरान आने वाली समस्याओं का समाधान नहीं होता।
Haryana Strike : ये हैं आशा वर्करों की प्रमुख मांगें
मुख्य मांगों में आशा वर्कर्स को पक्का कर्मचारी बनाने, 30 हजार रुपये न्यूनतम वेतन व सामाजिक सुरक्षा लाभ देने, अप्रैल 2025 में घोषित 1500 रुपये की बढ़ोतरी लागू करने, 2023 आंदोलन के दौरान काटे गए 73 दिनों के मानदेय का भुगतान, आनलाइन कार्य का दबाव समाप्त करने, मातृत्व अवकाश तथा महंगाई के अनुरूप भुगतान शामिल हैं।

