Beekeepers: हरियाणा में किसानों की आया बढ़ने के लिए सरकार ने भावांतर भरपाई योजना शुरू की है जिससे कई फसलों पर MSP दी जा रही है ऐसा ही अब मधुमक्खी पालकों के लिए खुशखबरी है जिसके लिए सरकार ने बहुत ही हम फैसला लिया है अब सरकार शहद को भी भावांतर भरपाई योजना के अंदर ले आई है.
योजना से कैसे होगा लाभ Beekeepers
इससे किसान का शहद अगर कम कीमत से बिकता है तो उसमे सरकार भावांतर भरपाई योजना के तहत किसानों को पुरे दाम के पैसे देगी . इससे शहद उत्पादन से जुड़े हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।राज्य सरकार ने शहद का संरक्षित मूल्य 120 रुपये प्रति किलो तय किया है। यदि बाजार में शहद की कीमत इससे नीचे जाती है तो पात्र मधुमक्खी पालकों को अंतर की राशि सरकार द्वारा सीधे भुगतान की जाएगी। यह मॉडल पहले सरसों और अन्य फसलों पर लागू भावांतर योजना जैसा है, जिसे किसानों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी। Beekeepers haryana
यह फैसला कैसे है अहम
हरियाणा में लगातार मधुमक्खी पालन की संख्या में वृद्धि हो रही है . जिसके चलते अभी प्रदेश में परिब दस हजार से अधिक मधुमक्खी पालक सक्रिय हैं. जो कई टन शहद का उत्पादन करते है . लेकिन बाजार में कई बार सही दाम न मिलने से किसानो को काफी नुकसान होता है लेकिन अब इस योजना से अगर बाजार में कम कीमत में शहद की बिक्री होती है तो सरकार इसकी भरपाई करेगी . इससे शहद का उत्पादन भी बढ़ेगा और उत्पादन बढ़ने से कीमत भी सही रहेगी . Beekeepers
ऐसे मिलेगा योजना का लाभ
इस योजना का लाभ लेने के लिए सबसे पहले पंजीकरण करवाना जरूरी जरुरी है मधुमक्खी पालकों को मधु क्रांति पोर्टल पर या फिर भावांतर भरपाई योजना पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। आवेदक का हरियाणा का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। आवेदनों का 30 जून तक सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद ही लाभार्थियों को योजना के तहत भुगतान किया जाएगा।
मधुमक्खी बॉक्स से जुड़ी शर्तें
योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कुछ तकनीकी शर्तें भी तय की गई हैं इसमें हर मधुमक्खी बॉक्स पर फैमिली आईडी के अंतिम चार अंक अंकित होने चाहिए, बिना अंकन वाले बॉक्स मान्य नहीं होंगे. अंकन के बाद ही आवेदन स्वीकार किया जाएगा, विभागीय अधिकारी मौके पर जाकर जांच करेंगे. इस प्रक्रिया का उद्देश्य फर्जी दावों को रोकना है।
शहद की गुणवत्ता जांच क्यों जरूरी
शहद की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्र रामनगर कुरुक्षेत्र में प्रयोगशाला जांच की जाएगी।

