Jind Authorized colony List : हरियाणा के जींद में जिला नगर योजनाकार विभाग द्वारा वैध कॉलोनियों की सूची जारी की गई है। इनके अलावा अगर कहीं पर जमीन की खरीद-फरोख्त की जा रही है तो यह अवैध भी हो सकती है। इसे लेकर जिला नगर योजनाकार (DTP) मनीष दहिया ने बताया है कि शहरी क्षेत्र जींद के राजस्व एस्टेट में कुछ खसरा नंबरों पर बिना लाइसेंस, सीएलयू या एनओसी के अवैध कालोनी विकसित की जा रही हैं।
विभाग द्वारा संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। DTP मनीष दहिया ने कहा कि किसी भी कालोनी में प्लाट खरीदने से पहले उसकी जांच कर लेनी चाहिए कि वह कालोनी अवैध तो नहीं है। अवैध कालोनियों (illegal colony) में रजिस्टरी नहीं की जा रही हैं। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति अवैध कालोनी में प्लाट खरीदता है तो उसके साथ धोखाधड़ी हो सकती है।
Jind Authorized colony List : जींद में रेगुलर कॉलोनियों की लिस्ट देखें
DTP मनीष दहिया ने बताया कि राजस्व एस्टेट जींद यूसी-34 निकट रेलवे स्टेशन जिसका क्षेत्रफल 18.85 एकड़ है तथा जिसके खसरा नंबर 40//22मिन, 23मिन, 24मिन, 25मिन, 41//21मिन, 22मिन, 57//1, 2मिन, 8मिन, 9, 10, 11, 12, 13मिन, 18मिन, 19मिन, 20, 21, 22मिन, 58//2मिन, 3मिन, 4मिन, 5मिन, 6, 7, 8मिन, 13मिन, 14मिन, 15, 16मिन, 17मिन, 25मिन तथा 64//1मिन हैं।
इसी प्रकार नरवाना से जींद रोड के निकट यूसी-34सी राजस्व एस्टेट जींद जिसके खसरा नंबर 42//2मिन, 3मिन, 8मिन, 9मिन, 11मिन, 12मिन, 13, 14मिन, 17मिन, 18, 19, 20मिन, 21मिन, 22, 23, 24मिन तथा 56//1, 2, 3, 4मिन, 7मिन, 8मिन, 9मिन, 10, 11, 12मिन, 13मिन हैं। नरवाना से जींद रोड के निकट राजस्व एस्टेट जींद के यूसी-3बी जिसका क्षेत्रफल 3.40 एकड़ है तथा खसरा नंबर 41//17मिन, 18मिन, 23मिन, 24मिन, 25मिन, 57//3मिन, 4मिन, 5मिन, 7मिन हैं।
नरवाना से जींद रोड के निकट राजस्व एस्टेट जींद के यूसी-34डी जिसका क्षेत्रफल 5.282 एकड़ है तथा खसरा नंबर 35//20मिन, 21मिन, 36//16मिन, 24मिन, 25मिन, 40//5मिन, 6मिन, 41//1मिन, 2मिन, 8मिन, 9मिन, 10मिन हैं तथा यूसी-34ए रेलवे स्टेशन के निकट, राजस्व एस्टेट जींद टाउन में जिसका क्षेत्रफल 6.598 एकड़ है तथा खसरा नंबर 41//3, 4, 7, 8/1, 14/1, 14/2, 15/1, 16/1, 17/2मिन हैं, यह सभी नियमित कालोनियां हैं।
जिला नगर योजनाकार मनीष दहिया ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की संपत्ति खरीदने या दस्तावेज पंजीकृत करवाने से पहले संबंधित कालोनी की वैधता की जांच अवश्य कर लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी असुविधा का सामना न करना पड़े। विभाग द्वारा अवैध कॉलोनियों के विरुद्ध कार्रवाई निरंतर जारी है।

