HBSE Exam: 10वीं 12वीं के छात्रों को दो पेपर दोबारा देने का मौका दिया

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HBSE EXAM: HBSE ने हरियाणा में 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब जिन अभियर्थियों के एक या फिर दो पेपर अच्छे नहीं होते तो वह इन पेपर को फिर से दें सकते है। हालाकिं 15 दिन के अंदर ही उन अभियर्थियों को वह परीक्षा फिर से देनी होगी। जानकारी के लिए बता दें की यह बोर्ड की परीक्षा 25 फरवरी से लेकर 1 अप्रैल के बीच तक चलेगी। इसके बाद जो छात्र फिर से परीक्षा देना चाहते है उसने फिर आवेदन मांगे जाएगें। इस प्रकार की योजना से छात्रों को अंक सुधरने का एक और मौका दिया जाएगा। HBSE Exam

HBSE का फैसला छात्रों को राहत HBSE EXAM

HBSE EXAM has given an opportunity to class 10th and 12th students to reappear for two papers.
HBSE EXAM has given an opportunity to class 10th and 12th students to reappear for two papers.

HBSE के इस फैसले से छात्रों को काफी राहत मिलेगी। यह नई नीति 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए लागु की गई है। लेकिन जिस छात्र का एक या दो सब्जेक्ट का पेपर अच्छा नहीं होता वह ही यह परीक्षा फिर से करेंगें। इसके लिए समय का निर्धारण भी किया है जो सिर्फ 15 दिन के अंदर ही यह पेपर दे सकते है। जिसके चलते इसी निर्धारित समय में ही छात्र आवेदन कर सकतें है। HBSE Exam

परीक्षा कब होगी HBSE Exam

जैसे की पहले भी बताया गया है कि बोर्ड परीक्षाएं 25 फरवरी से शुरू होकर 1 अप्रैल तक चलेंगी। सभी पेपर खत्म होने के बाद बोर्ड की ओर से फिर से परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जिसके चलते बोर्ड अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार शर्मा के मुताबिक पेपर ख़त्म होने के बाद फिर से आवेदन शुरू होंगें और यह आवेदन खत्म होने के बाद फिर से डेटशीट जारी की जाएगी। जिसके चलते कोई भी छात्र फिर से 2 पेपर दे सकता है।

क्यों लिया गया यह फैसला

यह फैसला काफी महत्वपूर्ण इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि बोर्ड परीक्षा के चले काफी तनाव होता है और कुछ परीक्षा के बीच में छात्र किसी फॅमिली प्रॉब्लम के चलते अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते जिसके चलते बोर्ड द्वारा यह फैसला लिया गया है।

नई व्यवस्था के फायदे

इस नई नीति से छात्रों को काफी लाभ हो सकता है इससे अंक सुधारने का मौका मिलेगा और परीक्षा का डर कम होगा जिसके चलते करियर पर खराब रिजल्ट का असर घटेगा , प्रोफेसर सीमा अरोड़ा का कहना है कि यह कदम छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर लिया गया है और इससे बोर्ड परीक्षा को लेकर दबाव कम होगा। HBSE Exam

जीरो टॉलरेंस नीति

इसके अलावा जीरो टॉलरेंस नीति भी होगी लागू की जाएगी जिसमें परीक्षा के चलते नक़ल बिलकुल भी नहीं होगी। अगर कोई भी अभ्यर्थी नक़ल करते पकड़ा जाता है तो उसपर सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी। सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का मकसद परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता बनाए रखना है।

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