Lado Laxmi Scheme: हरियाणा में आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार द्वारा बहुत ही अहम कदम उठाया गया है।
राज्य सरकार ने लड़ो लक्ष्मी योजना के तहत चौथी क़िस्त जारी कर दी गई है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा की इस योजना के अंतर्गत करीब 9 लाख से भी ज्यादा महिलाओं के खाते में करीब 193 करोड़ रुपये डाले गए है। इस योजना के तहत कम आय वाले परिवार की महिलाओं के बच्चों तथा पोषण के लिए आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
हरियाणा में लाडो लक्ष्मी योजना की चौथी किस्त जारी Lado Laxmi Scheme

हरियाणा सरकार ने Lado Laxmi Scheme की चौथी किस्त जारी की, महिलाओं के खाते में 193 करोड़
जैसे की पहले भी बताया गया है की सरकार की और से महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय लाडो लक्ष्मी योजना की तीन किस्ते पहले डाल दी गई है और अब चौथी क़िस्त भी डाली जा चुकी है। जिसके चलते करीब 193 करोड़ रुपये बैंक खतों में ट्रांसफर किए गए है। CM सैनी ने चंडीगढ़ में इस बारे में जानकारी दी और कहा कि चार किस्तों में अब तक करीब 634 करोड़ रुपये डाल दिए गए है। जिससे महिलाऐं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी।
क्या है लाडो लक्ष्मी योजना का उद्देश्य
लाडो लक्ष्मी योजना का मुख्य लक्ष्य उन महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा देना है जिनके परिवार की वार्षिक आय सीमित है। सरकार की इस पहल का मकसद महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और परिवार के खर्चों में सहयोग देना है। Lado Laxmi Scheme
योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2100 रुपये दिए जाते हैं। इसमें 1100 रुपये सीधे खाते में भेजे जाते हैं जबकि 1000 रुपये की राशि सावधि जमा के रूप में सुरक्षित की जाती है।
पात्रता में हुआ विस्तार
सरकार ने हाल ही में योजना के दायरे को बढ़ाते हुए अधिक महिलाओं को इसका लाभ देने का फैसला किया है। अब उन परिवारों की महिलाएं भी पात्र मानी जाएंगी जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक है। इसके साथ ही कुछ विशेष श्रेणियों को भी इसमें शामिल किया गया है। Lado Laxmi Scheme
जिनके बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं और बोर्ड परीक्षाओं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करते हैं। इसके अलावा कक्षा 1 से 4 तक के बच्चों ने निपुण भारत मिशन के तहत अपनी कक्षा के अनुसार दक्षता हासिल की हो या फिर जिन महिलाओं ने अपने बच्चों को कुपोषण से बाहर निकालने में सफल प्रयास किए हों।
महिलाओं की आर्थिक स्थिति पर असर
सामाजिक नीति विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित आर्थिक सहायता योजनाएं ग्रामीण और निम्न आय वर्ग की महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती हैं। इससे घर के छोटे खर्चों में राहत मिलती है और महिलाएं खुद के फैसले लेने में अधिक सक्षम बनती हैं। एक अर्थशास्त्री का कहना है कि जब पैसा सीधे महिलाओं के खाते में पहुंचता है तो उसका उपयोग बच्चों की पढ़ाई, पोषण और स्वास्थ्य पर अधिक होता है। इससे परिवार का समग्र विकास होता है। Lado Laxmi Scheme

