Haryana AI policy: हरियाणा में AI लागु करने के लिए करीब 474 करोड़ रुपए का रोडमैप तैयार किया गया है। इस परियोजना से सरकारी सेवाओं को और भी आधुनिक बनाने के साथ ही उद्योगों को मजबूत करना है। AI से आने वाले करीब 6 साल में 1 लाख रोजगार देने का भी लक्ष्य रखा गया है। इसका असर शिक्षा, कृषि और खेल पर देखने को मिलेगा। हलाकि इसके अलावा भी कई स्थानों पर AI का प्रयोग किया जाएगा जैसे प्रदूषण नियंत्रण अदि।
हरियाणा में नई AI नीति लागु Haryana AI policy

हरियाणा में सरकार ने राज्य में चीजों को और बेहतर और आधुनिक बनाने के लिए AI नीति लागु करने की घोषणा की है। इस घोषणा से शिक्षा में भी AI के नए पाठ्यक्रम जोड़े जाएगें। इस तकनीक से कृषि और खेल के लिए भी डिजिटल रूप से समाधान निकले जाएगें। सरकार की और से इस योजना के लिए 474 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। इस परियोजना से हरियाणा को देख के मुख्य तकनिकी राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
शिक्षा प्रणाली में AI की शुरुआत
हरियाणा सरकार ने स्कूल स्तर से ही छात्रों को भविष्य की तकनीक से जोड़ने का फैसला किया है। इससे कक्षा 3 से 12 तक AI आधारित पाठ्य सामग्री लागू होगी और स्कूलों और कॉलेजों में AI से जुड़े नए कोर्स शुरू होंगे। छात्रों को उद्योगों की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि भविष्य में नौकरी के अवसर पैदा हो सकें। Haryana AI policy
जिसके चलते 1 लाख रोजगार का लक्ष्य भी पूरा किया जा सके। इससे आईटी और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में रोजगार का अवसर मिलेगा। मैन्युफैक्चरिंग और ऑटोमेशन से लेकर स्टार्टअप और टेक कंपनियां और सरकारी डिजिटल सेवाएं में नौकरियां मिलेगी। गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, हिसार और झज्जर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में नई नौकरियों की संभावनाएं अधिक होंगी। Haryana AI policy
2 नए केंद्र स्थापित
दो नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाएंगे इसमें AI तकनीक के विकास और प्रशिक्षण के लिए राज्य में दो विशेष केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसी के चलते पहले केंद्र डेटा सेंटर और कंप्यूटर लैब स्थापित होंगेऔर दूसरा केंद्र गुरुग्राम में युवाओं को AI स्किल प्रशिक्षण दिया जाएगा
प्रदूषण नियंत्रण में AI की मदद
हरियाणा में सर्दियों के दौरान प्रदूषण एक बड़ी समस्या बन जाती है। इसे नियंत्रित करने के लिए सरकार नई तकनीक का उपयोग करेगी। इसी के चलते करीब 300 उद्योगों में AI आधारित उत्सर्जन निगरानी प्रणाली लगाई जाएगी इसके लिए करीब 33 करोड़ रुपये का खर्च होगा। Haryana AI policy
इस प्रणाली से 24 घंटे प्रदूषण डेटा की निगरानी संभव होगी इससे प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। AI तकनीक किसानों के लिए भी कई नई सुविधाएं लेकर आएगी। मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल को AI से जोड़ा जाएगा .

